1 यूहन्ना 4:10
प्रेम इसमें नहीं कि हमने परमेश्वर से प्रेम किया पर इसमें है, कि उसने हम से प्रेम किया और हमारे पापों के प्रायश्चित के लिये अपने पुत्र को भेजा।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Deuteronomy 7:7यहोवा ने जो तुम से स्नेह करके तुम को चुन लिया, इसका कारण यह नहीं था कि तुम गिनती में और सब देशों के लोगों से अधिक थे, किन्तु तुम तो सब देशों के लोगों से गिनती में थोड़े थे + 7:7 गिनती में थोड़े थे: परमेश्वर ने जब इस्राएल को चुना था तब वह भाग एक ही परिवार था वरन् एक ही मनुष्य, अब्राहम था।;
John 3:16“क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उसने अपना एकलौता पुत्र दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।
Romans 3:25उसे परमेश्वर ने उसके लहू के कारण एक ऐसा प्रायश्चित ठहराया, जो विश्वास करने से कार्यकारी होता है, कि जो पाप पहले किए गए, और जिन पर परमेश्वर ने अपनी सहनशीलता से ध्यान नहीं दिया; उनके विषय में वह अपनी धार्मिकता प्रगट करे।
Romans 8:29क्योंकि जिन्हें उसने पहले से जान लिया है उन्हें पहले से ठहराया भी है कि उसके पुत्र के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहलौठा ठहरे।
Ephesians 2:4परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण जिससे उसने हम से प्रेम किया,
1 Peter 2:24वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए + 2:24 हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए: प्रभु यीशु से इस तरह से व्यवहार किया गया जैसे कि वह एक पापी था, ताकि हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया जाए जैसे कि हमने पाप नहीं किया हो जैसे कि हम धर्मी है। क्रूस पर चढ़ गया, जिससे हम पापों के लिये मर करके धार्मिकता के लिये जीवन बिताएँ। उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए। (यशा. 53:4-5,12, गला. 3:13)