2 इतिहास 1:11
परमेश्वर ने सुलैमान से कहा, “तेरी जो ऐसी ही इच्छा हुई, अर्थात् तूने न तो धन-सम्पत्ति माँगी है, न ऐश्वर्य और न अपने बैरियों का प्राण और न अपनी दीर्घायु माँगी, केवल बुद्धि और ज्ञान का वर माँगा है, जिससे तू मेरी प्रजा का जिसके ऊपर मैंने तुझे राजा नियुक्त किया है, न्याय कर सके,
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
1 Kings 3:11तब परमेश्वर ने उससे कहा, “इसलिए कि तूने यह वरदान माँगा है, और न तो दीर्घायु और न धन और न अपने शत्रुओं का नाश माँगा है, परन्तु समझने के विवेक का वरदान माँगा है इसलिए सुन,
1 Kings 8:18परन्तु यहोवा ने मेरे पिता दाऊद से कहा, ‘यह जो तेरी इच्छा है, कि यहोवा के नाम का एक भवन बनाए, ऐसी इच्छा करके तूने भला तो किया; (प्रेरि. 7:45,46)
1 Chronicles 28:2तब दाऊद राजा खड़ा होकर कहने लगा, “हे मेरे भाइयों! और हे मेरी प्रजा के लोगों! मेरी सुनो, मेरी मनसा तो थी कि यहोवा की वाचा के सन्दूक के लिये और हम लोगों के परमेश्वर के चरणों की पीढ़ी + 28:2 चरणों की पीढ़ी: दाऊद वाचा के सन्दूक को परमेश्वर के चरणों की पीढ़ी कहता है क्योंकि वह उसके ऊपर विराजमान रहता था या उस प्रकाशमान बादल में जो दया के आसन एवं करूबों के मध्य था। के लिये विश्राम का एक भवन बनाऊँ, और मैंने उसके बनाने की तैयारी की थी।
Proverbs 8:15मेरे ही द्वारा राजा राज्य करते हैं, 1 और अधिकारी धर्म से शासन करते हैं; (रोम. 13:1) 1
Proverbs 23:7क्योंकि वह ऐसा व्यक्ति है, 1 जो भोजन के कीमत की गणना करता है। वह तुझ से कहता तो है, खा और पी, 1 परन्तु उसका मन तुझ से लगा नहीं है। 1
Hebrews 4:12क्योंकि परमेश्वर का वचन + 4:12 परमेश्वर का वचन: परमेश्वर के वचन की खोज, मर्मज्ञ से बचकर कोई भाग नहीं रह सकता है। उस सत्य में यह दिखाने की शक्ति है कि मनुष्य क्या है। जीवित, प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत तेज है, प्राण, आत्मा को, गाँठ-गाँठ, और गूदे-गूदे को अलग करके, आर-पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जाँचता है। (यिर्म. 23:29, यशा. 55:11)