2 इतिहास 16:9
देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिए फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कपट रहता है, उनकी सहायता में वह अपनी सामर्थ्य दिखाए। तूने यह काम मूर्खता से किया है, इसलिए अब से तू लड़ाइयों में फँसा रहेगा + 16:9 अब से तू लड़ाइयों में फँसा रहेगा: आसा के आरम्भिक विश्वास का प्रतिफल शान्ति थी (2 इतिहास 4:5; 2 इतिहास. 15:5) परन्तु अब उसके विश्वास की कमी का परिणाम युद्ध और अशान्ति का दण्ड होगा। ।”
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Genesis 31:28तूने तो मुझे अपने बेटे-बेटियों को चूमने तक न दिया? तूने मूर्खता की है।
2 Samuel 12:7तब नातान ने दाऊद से कहा, “तू ही वह मनुष्य है। इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यह कहता है, ‘मैंने तेरा अभिषेक करके तुझे इस्राएल का राजा ठहराया, और मैंने तुझे शाऊल के हाथ से बचाया;
2 Kings 20:3मैं विनती करता हूँ, स्मरण कर + 20:3 स्मरण कर: पुरानी वाचा में धर्मी जन के लिए समृद्धि और दीर्घायु की प्रतिज्ञा थी। अपनी विश्वासयोग्यता एवं निष्ठा से अभिक्ष हिजकिय्याह सविनय प्रेरित होने का प्रयास करता है।, कि मैं सच्चाई और खरे मन से अपने को तेरे सम्मुख जानकर चलता आया हूँ; और जो तुझे अच्छा लगता है वही मैं करता आया हूँ।” तब हिजकिय्याह फूट फूटकर रोया।
2 Chronicles 6:20वह यह है कि तेरी आँखें इस भवन की ओर, अर्थात् इसी स्थान की ओर जिसके विषय में तूने कहा है कि मैं उसमें अपना नाम रखूँगा, रात-दिन खुली रहें, और जो प्रार्थना तेरा दास इस स्थान की ओर करे, उसे तू सुन ले।
2 Chronicles 15:19राजा आसा के राज्य के पैंतीसवें वर्ष तक फिर लड़ाई न हुई।
Ezra 5:5परन्तु यहूदियों के पुरनियों के परमेश्वर की दृष्टि उन पर रही, इसलिए जब तक इस बात की चर्चा दारा से न की गई और इसके विषय चिट्ठी के द्वारा उत्तर न मिला, तब तक उन्होंने इनको न रोका।