2 इतिहास 17:6
यहोवा के मार्गों पर चलते-चलते उसका मन मगन हो गया; फिर उसने यहूदा से ऊँचे स्थान और अशेरा नामक मूरतें दूर कर दीं। 1 व्यवस्था की शिक्षा
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Deuteronomy 28:47“तू जो सब पदार्थ की बहुतायत होने पर भी आनन्द और प्रसन्नता के साथ अपने परमेश्वर यहोवा की सेवा नहीं करेगा,
2 Chronicles 14:2आसा ने वही किया जो उसके परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में अच्छा और ठीक था।
2 Chronicles 15:17ऊँचे स्थान तो इस्राएलियों में से न ढाए गए, तो भी आसा का मन जीवन भर निष्कपट रहा + 15:17 आसा का मन जीवन भर निष्कपट रहा: यह नहीं कि आसा ने पाप नहीं किया परन्तु वह मूर्तिपूजा के पाप से बचा रहा और आजीवन यहोवा का निष्ठावान रहा। ।
2 Chronicles 20:33तो भी ऊँचे स्थान ढाए न गए, वरन् अब तक प्रजा के लोगों ने अपना मन अपने पितरों के परमेश्वर की ओर न लगाया था।
2 Chronicles 34:3वह लड़का ही था, अर्थात् उसको गद्दी पर बैठे आठ वर्ष पूरे भी न हुए थे कि अपने मूलपुरुष दाऊद के परमेश्वर की खोज करने लगा, और बारहवें वर्ष में वह ऊँचे स्थानों और अशेरा नामक मूरतों को और खुदी और ढली हुई मूरतों को दूर करके, यहूदा और यरूशलेम को शुद्ध करने लगा + 34:3 वह .... यहूदा और यरूशलेम को शुद्ध करने लगा: यिर्मयाह की प्रथम भविष्यद्वाणियाँ (यिर्म. 2, 3) योशिय्याह द्वारा मूर्तिपूजा के निवारण के आरम्भिक प्रयास के समय की हैं और उनसे उसको बहुत साहस प्राप्त हुआ होगा। ।
Psalms 18:21क्योंकि मैं यहोवा के मार्गों पर चलता रहा, 1 और दुष्टता के कारण अपने परमेश्वर से दूर न हुआ। 1