2 इतिहास 24:20
तब परमेश्वर का आत्मा यहोयादा याजक के पुत्र जकर्याह में समा गया, और वह ऊँचे स्थान पर खड़ा होकर लोगों से कहने लगा + 24:20 वह ऊँचे स्थान पर खड़ा होकर लोगों से कहने लगा: जकर्याह, जो प्रधान पुरोहित था ऊँचे स्थान पर सम्भवत: भीतरी प्रांगण की सीढ़ियों पर जो बाहरी प्रांगण से ऊँची थीं, खड़ा हुआ। लोग बाहरी प्रांगण में थे।, “परमेश्वर यह कहता है, कि तुम यहोवा की आज्ञाओं को क्यों टालते हो? ऐसा करके तुम्हारा भला नहीं हो सकता। देखो, तुम ने तो यहोवा को त्याग दिया है, इस कारण उसने भी तुम को त्याग दिया।”
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Deuteronomy 29:25तब लोग यह उत्तर देंगे, ‘उनके पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा ने जो वाचा उनके साथ मिस्र देश से निकालने के समय बाँधी थी उसको उन्होंने तोड़ा है।
1 Samuel 13:13शमूएल ने शाऊल से कहा, “ तूने मूर्खता का काम किया है + 13:13 तूने मूर्खता का काम किया है: शाऊल जितनी भी परिस्थितियों और संकटों से अवगत था वे सब परमेश्वर की दृष्टि में थे और परमेश्वर ने उसे शमूएल के आने तक प्रतिक्षा करने की आज्ञा दी थी। यह भी स्वेच्छा की अवज्ञा का पाप था जो पुनः उभरा और उसका दण्ड कठोर था; तूने अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा को नहीं माना; नहीं तो यहोवा तेरा राज्य इस्राएलियों के ऊपर सदा स्थिर रखता।
1 Chronicles 12:18तब आत्मा अमासै में समाया, जो तीसों वीरों में मुख्य था, और उसने कहा, 1 “हे दाऊद! हम तेरे हैं; 1 हे यिशै के पुत्र! हम तेरी ओर के हैं, 1 तेरा कुशल ही कुशल हो और तेरे सहायकों का कुशल हो, 1 क्योंकि तेरा परमेश्वर तेरी सहायता किया करता है।” इसलिए दाऊद ने उनको रख लिया, और अपने दल के मुखिए ठहरा दिए।
2 Chronicles 12:5तब शमायाह नबी रहबाम और यहूदा के हाकिमों के पास जो शीशक के डर के मारे यरूशलेम में इकट्ठे हुए थे, आकर कहने लगा, “यहोवा यह कहता है, कि तुम ने मुझ को छोड़ दिया है, इसलिए मैंने तुम को छोड़कर शीशक के हाथ में कर दिया है।”
2 Chronicles 20:14तब आसाप के वंश में से यहजीएल नामक एक लेवीय जो जकर्याह का पुत्र और बनायाह का पोता और मत्तन्याह के पुत्र यीएल का परपोता था, उसमें मण्डली के बीच यहोवा का आत्मा समाया।
2 Chronicles 25:16वह उससे कह ही रहा था कि उसने उससे पूछा, “क्या हमने तुझे राजमंत्री ठहरा दिया है? चुप रह! क्या तू मरना चाहता है?” तब वह नबी यह कहकर चुप हो गया, “मुझे मालूम है कि परमेश्वर ने तेरा नाश करना ठान लिया है, क्योंकि तूने ऐसा किया है और मेरी सम्मति नहीं मानी।” 1 इस्राएल के खिलाफ अमस्याह का युद्ध