2 इतिहास 31:5
यह आज्ञा सुनते ही इस्राएली अन्न, नया दाखमधु, टटका तेल, मधु आदि खेती की सब भाँति की पहली उपज बहुतायत से देने, और सब वस्तुओं का दशमांश अधिक मात्रा में लाने लगे।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Exodus 22:29“अपने खेतों की उपज और फलों के रस में से कुछ मुझे देने में विलम्ब न करना + 22:29 मुझे देने में विलम्ब न करना: उपज का पहला फल देना आरम्भ से चली आ रही रीति थी और इसका सम्बंध बलिदान चढ़ाने की आरम्भिक क्रियाओं से था।। अपने बेटों में से पहलौठे को मुझे देना।
Exodus 34:22और तू सप्ताहों का पर्व मानना जो पहले लवे हुए गेहूँ का पर्व कहलाता है, और वर्ष के अन्त में बटोरन का भी पर्व मानना।
Exodus 35:5तुम्हारे पास से यहोवा के लिये भेंट ली जाए, अर्थात् जितने अपनी इच्छा से देना चाहें वे यहोवा की भेंट करके ये वस्तुएँ ले आएँ; अर्थात् सोना, रुपा, पीतल;
Exodus 36:5और कहने लगे, “जिस काम के करने की आज्ञा यहोवा ने दी है उसके लिये जितना चाहिये उससे अधिक वे ले आए हैं।”
Numbers 18:12फिर उत्तम से उत्तम नया दाखमधु, और गेहूँ, अर्थात् इनकी पहली उपज जो वे यहोवा को दें, वह मैं तुझको देता हूँ।
2 Chronicles 24:10तो सब हाकिम और प्रजा के सब लोग आनन्दित हो रुपये लाकर जब तक चन्दा पूरा न हुआ तब तक सन्दूक में डालते गए।