2 इतिहास 32:25
परन्तु हिजकिय्याह ने उस उपकार का बदला न दिया, क्योंकि उसका मन फूल उठा था + 32:25 उसका मन फूल उठा था: हिजकिय्याह का गर्व बाबेल के दूतों को अपना खजाना दिखाने से प्रगट होता है।। इस कारण उसका कोप उस पर और यहूदा और यरूशलेम पर भड़का।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Deuteronomy 8:17और कहीं ऐसा न हो कि तू सोचने लगे, कि यह सम्पत्ति मेरे ही सामर्थ्य और मेरे ही भुजबल से मुझे प्राप्त हुई।
2 Samuel 24:1यहोवा का कोप इस्राएलियों पर फिर भड़का + 24:1 यहोवा का कोप इस्राएलियों पर फिर भड़का: यह वाक्य इस अध्याय का शीर्षक है। इस अध्याय में उस पाप का वर्णन किया गया है जिसके कारण परमेश्वर क्रोधित हुआ था। उन्होंने जनगणना की थी।, और उसने दाऊद को उनकी हानि के लिये यह कहकर उभारा, “इस्राएल और यहूदा की गिनती ले।”
2 Kings 14:10तूने एदोमियों को जीता तो है इसलिए तू फूल उठा है। उसी पर बड़ाई मारता हुआ घर रह जा; तू अपनी हानि के लिये यहाँ क्यों हाथ उठाता है, जिससे तू क्या वरन् यहूदा भी नीचा देखेगा?”
2 Kings 20:13उनके लानेवालों की मानकर हिजकिय्याह ने उनको अपने अनमोल पदार्थों का सब भण्डार, और चाँदी और सोना और सुगन्ध-द्रव्य और उत्तम तेल और अपने हथियारों का पूरा घर और अपने भण्डारों में जो-जो वस्तुएँ थीं, वे सब दिखाईं; हिजकिय्याह के भवन और राज्य भर में कोई ऐसी वस्तु न रही, जो उसने उन्हें न दिखाई हो।
1 Chronicles 21:12या तो तीन वर्ष का अकाल पड़े; या तीन महीने तक तेरे विरोधी तुझे नाश करते रहें, और तेरे शत्रुओं की तलवार तुझ पर चलती रहे; या तीन दिन तक यहोवा की तलवार चले, अर्थात् मरी देश में फैले और यहोवा का दूत इस्राएली देश में चारों ओर विनाश करता रहे। अब सोच, कि मैं अपने भेजनेवाले को क्या उत्तर दूँ।”
2 Chronicles 24:18तब वे अपने पितरों के परमेश्वर यहोवा का भवन छोड़कर अशेरों और मूरतों की उपासना करने लगे। अतः उनके ऐसे दोषी होने के कारण परमेश्वर का क्रोध यहूदा और यरूशलेम पर भड़का।