2 इतिहास 8:14
उसने अपने पिता दाऊद के नियम के अनुसार याजकों के सेवाकार्यों के लिये उनके दल ठहराए, और लेवियों को उनके कामों पर ठहराया, कि हर एक दिन के प्रयोजन के अनुसार वे यहोवा की स्तुति और याजकों के सामने सेवा-टहल किया करें, और एक-एक फाटक के पास द्वारपालों को दल-दल करके ठहरा दिया; क्योंकि परमेश्वर के भक्त दाऊद ने ऐसी आज्ञा दी थी।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Deuteronomy 33:1जो आशीर्वाद परमेश्वर के जन + 33:1 परमेश्वर के जन: परमेश्वर का जन पुराने नियम में उस मनुष्य को कहा जाता था जिसे अपरोक्ष प्रकाशन प्राप्त होता था। आवश्यक नहीं कि वह भविष्यद्वक्ता हो। मूसा ने अपनी मृत्यु से पहले इस्राएलियों को दिया वह यह है।
1 Kings 13:1तब यहोवा से वचन पाकर परमेश्वर का एक जन + 13:1 परमेश्वर का एक जन: अर्थात् वह भविष्यद्वक्ता मात्र भेजा नहीं गया वरन् परमेश्वर के वचन के सामर्थ्य एवं क्षमता में आया, परमेश्वर द्वारा प्रेरित एक सन्देशवाहक। यहूदा से बेतेल को आया, और यारोबाम धूप जलाने के लिये वेदी के पास खड़ा था।
1 Chronicles 9:17द्वारपालों में से अपने-अपने भाइयों सहित शल्लूम, अक्कूब, तल्मोन और अहीमन, इनमें से मुख्य तो शल्लूम था।
1 Chronicles 15:16तब दाऊद ने प्रधान लेवियों को आज्ञा दी कि अपने भाई गवैयों + 15:16 गवैयों: भजनगान तो बहुत पहले ही से धार्मिक संस्कारों में उचित माना गया था। (निर्ग.15:21, न्या.5:1, 1इति.13:8) परन्तु यहाँ हम पहली बार देखते है कि संगीत का आयोजन करना लेवियों का उत्तरदायित्व था। को बाजे अर्थात् सारंगी, वीणा और झाँझ देकर बजाने और आनन्द के साथ ऊँचे स्वर से गाने के लिये नियुक्त करें।
1 Chronicles 16:42और उनके संग उसने हेमान और यदूतून को बजानेवालों के लिये तुरहियां और झाँझें और परमेश्वर के गीत गाने के लिये बाजे दिए, और यदूतून के बेटों को फाटक की रखवाली करने को ठहरा दिया।
1 Chronicles 23:6फिर दाऊद ने उनको गेर्शोन, कहात और मरारी नामक लेवी के पुत्रों के अनुसार दलों में अलग-अलग कर दिया।