2 पतरस 1:2
परमेश्वर के और हमारे प्रभु यीशु की पहचान के द्वारा अनुग्रह और शान्ति + 1:2 परमेश्वर के .... अनुग्रह और शान्ति: अनुग्रह और शान्ति हमारे लिए भरपूर मात्रा में हैं या बहुतायत से हम पर प्रदत्त होने की उम्मीद की जा सकती है, यदि हमें परमेश्वर की और उद्धारकर्ता का सच्चा ज्ञान है। तुम में बहुतायत से बढ़ती जाए। 1 विश्वास में उन्नति
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
Grace and peace be multiplied unto you through the knowledge of God, and of Jesus our Lord,
In Context
Cross References
Numbers 6:24“यहोवा तुझे आशीष दे और तेरी रक्षा करे: 1
Daniel 4:1नबूकदनेस्सर राजा की ओर से देश-देश और जाति-जाति के लोगों, और भिन्न-भिन्न भाषा बोलनेवाले जितने सारी पृथ्वी पर रहते हैं, उन सभी को यह वचन मिला, “तुम्हारा कुशल क्षेम बढ़े!
Luke 10:22मेरे पिता ने मुझे सब कुछ सौंप दिया है; और कोई नहीं जानता कि पुत्र कौन है, केवल पिता और पिता कौन है यह भी कोई नहीं जानता, केवल पुत्र के और वह जिस पर पुत्र उसे प्रकट करना चाहे।”
Romans 1:7उन सब के नाम जो रोम में परमेश्वर के प्यारे हैं और पवित्र होने + 1:7 पवित्र होने: “पवित्र होने” शब्द का अर्थ है वह लोग जो पवित्र है या वह जो भक्त या परमेश्वर को समर्पित है। के लिये बुलाए गए हैं: हमारे पिता परमेश्वर और प्रभु यीशु मसीह की ओर से तुम्हें अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे। (इफि. 1:2) 1 रोम को जाने की कामना
Philippians 3:8वरन् मैं अपने प्रभु मसीह यीशु की पहचान की उत्तमता के कारण सब बातों को हानि समझता हूँ। जिसके कारण मैंने सब वस्तुओं की हानि उठाई, और उन्हें कूड़ा समझता हूँ, ताकि मैं मसीह को प्राप्त करूँ।
2 Peter 1:3क्योंकि उसके ईश्वरीय सामर्थ्य ने सब कुछ जो जीवन और भक्ति से सम्बंध रखता है, हमें उसी की पहचान के द्वारा दिया है, जिसने हमें अपनी ही महिमा और सद्गुण के अनुसार बुलाया है।