Acts 13:22
फिर उसे अलग करके दाऊद को उनका राजा बनाया; जिसके विषय में उसने गवाही दी, ‘मुझे एक मनुष्य, यिशै का पुत्र दाऊद, मेरे मन के अनुसार मिल गया है। वही मेरी सारी इच्छा पूरी करेगा।’ (1 शमू. 13:14, 1 शमू. 16:12,13, भज. 89:20, यशा. 44:28)
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
1 Samuel 12:25परन्तु यदि तुम बुराई करते ही रहोगे, तो तुम और तुम्हारा राजा दोनों के दोनों मिट जाओगे।”
1 Samuel 15:11“मैं शाऊल को राजा बना के पछताता हूँ + 15:11 पछताता हूँ: शमूएल क्रोधित था या अप्रसन्न था कि जिस राजा का उसने अभिषेक किया वह पद से खारिज किया जाए। ; क्योंकि उसने मेरे पीछे चलना छोड़ दिया, और मेरी आज्ञाओं का पालन नहीं किया।” तब शमूएल का क्रोध भड़का; और वह रात भर यहोवा की दुहाई देता रहा।
1 Samuel 15:26शमूएल ने शाऊल से कहा, “मैं तेरे साथ न लौटूँगा; क्योंकि तूने यहोवा की बात को तुच्छ जाना है, और यहोवा ने तुझे इस्राएल का राजा होने के लिये तुच्छ जाना है।”
1 Samuel 16:1यहोवा ने शमूएल से कहा, “मैंने शाऊल को इस्राएल पर राज्य करने के लिये तुच्छ जाना है, तू कब तक उसके विषय विलाप करता रहेगा? अपने सींग में तेल भरकर चल; मैं तुझको बैतलहमवासी यिशै के पास भेजता हूँ, क्योंकि मैंने उसके पुत्रों में से एक को राजा होने के लिये चुना है + 16:1 उसके पुत्रों में से एक को राजा होने के लिये चुना है: परमेश्वर का उद्देश्य था कि शाऊल का उत्तराधिकारी होने के लिये दाऊद का अभिषेक किया जाए। परमेश्वर का उद्देश्य यह नहीं था कि शमूएल दाऊद को शाऊल का विरोधी बनाकर युद्ध करे। ।” (लूका 3:31,32)
1 Samuel 28:16शमूएल ने कहा, “जब यहोवा तुझे छोड़कर तेरा शत्रु बन गया, तब तू मुझसे क्यों पूछता है?
2 Samuel 2:4और यहूदी लोग गए, और वहाँ दाऊद का अभिषेक किया + 2:4 दाऊद का अभिषेक किया: दाऊद का अभिषेक तो शमूएल कर चुका था। (1 शमूएल 16:13) उसके पहले अभिषेक में परमेश्वर का गुप्त उद्देश्य निहित था और इस दूसरे अभिषेक में उस उद्देश्य की पूर्ति थी। कि वह यहूदा के घराने का राजा हो। जब दाऊद को यह समाचार मिला, कि जिन्होंने शाऊल को मिट्टी दी वे गिलाद के याबेश नगर के लोग हैं।