Acts 22:8
मैंने उत्तर दिया, ‘हे प्रभु, तू कौन है?’ उसने मुझसे कहा, ‘मैं यीशु नासरी हूँ, जिसे तू सताता है।’
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
7और मैं भूमि पर गिर पड़ा: और यह वाणी सुनी, ‘हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है?’
9और मेरे साथियों ने ज्योति तो देखी, परन्तु जो मुझसे बोलता था उसकी वाणी न सुनी।
Cross References
1 Samuel 8:7और यहोवा ने शमूएल से कहा, “वे लोग जो कुछ तुझ से कहें उसे मान ले; क्योंकि उन्होंने तुझको नहीं + 8:7 तुझको नहीं: परमेश्वर का उत्तर (1 शमू.8:6) दर्शाता है कि शमूएल का दिल टूट गया था। परन्तु मुझी को निकम्मा जाना है, कि मैं उनका राजा न रहूँ।
Matthew 2:23और नासरत नामक नगर में जा बसा, ताकि वह वचन पूरा हो, जो भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा कहा गया थाः “वह नासरी + 2:23 नासरी: सम्भवतः प्रथम शताब्दी के शास्त्रियों तथा “तिरस्कार या घृणा” को दर्शाने वाला एक शब्द होता था (यूह. 1:46) नासरत से मसीह का आना किसी प्रकार भी एक सम्भावित स्थान नहीं था (तुलना करे यशा.53: 3; भजन 22:6) कहलाएगा।” (लूका 18:7)
Matthew 25:40तब राजा उन्हें उत्तर देगा, ‘मैं तुम से सच कहता हूँ, कि तुम ने जो मेरे इन छोटे से छोटे भाइयों में से + 25:40 छोटे से छोटे भाइयों में से: छोटे से छोटा सबसे गरीब, तुच्छ और पीड़ित जाना जाता है। किसी एक के साथ किया, वह मेरे ही साथ किया।’
Acts 3:6तब पतरस ने कहा, “चाँदी और सोना तो मेरे पास है नहीं; परन्तु जो मेरे पास है, वह तुझे देता हूँ; यीशु मसीह नासरी के नाम से चल फिर।”
Acts 6:14क्योंकि हमने उसे यह कहते सुना है, कि यही यीशु नासरी इस जगह को ढा देगा, और उन रीतियों को बदल डालेगा जो मूसा ने हमें सौंपी हैं।”
Acts 26:14और जब हम सब भूमि पर गिर पड़े, तो मैंने इब्रानी भाषा में, मुझसे कहते हुए यह वाणी सुनी, ‘हे शाऊल, हे शाऊल, तू मुझे क्यों सताता है? पैने पर लात मारना तेरे लिये कठिन है।’