Acts 25:16
परन्तु मैंने उनको उत्तर दिया, कि रोमियों की यह रीति नहीं, कि किसी मनुष्य को दण्ड के लिये सौंप दें, जब तक आरोपी को अपने दोष लगाने वालों के सामने खड़े होकर दोष के उत्तर देने का अवसर न मिले।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Genesis 39:19अपनी पत्नी की ये बातें सुनकर कि तेरे दास ने मुझसे ऐसा-ऐसा काम किया, यूसुफ के स्वामी का कोप भड़का। 1 यूसुफ का बन्दीगृह में डाला जाना
Deuteronomy 19:17तो वे दोनों मनुष्य, जिनके बीच ऐसा मुकद्दमा उठा हो + 19:17 वे दोनों मनुष्य, जिनके बीच ऐसा मुकद्दमा उठा हो: वादी और प्रतिवादी दोनों को व्यवस्थाविवरण में दिए गए प्रावधानों के अधीन न्यायियों के सामने प्रस्तुत किया जाए।, यहोवा के सम्मुख + 19:17 यहोवा के सम्मुख: उनके न्यायी परमेश्वर के प्रतिनिधि थे, अत: उनसे झूठ बोलना परमेश्वर से झूठ बोलने के बराबर था।, अर्थात् उन दिनों के याजकों और न्यायियों के सामने खड़े किए जाएँ;
Proverbs 18:17मुकद्दमे में जो पहले बोलता, वही सच्चा जान पड़ता है, 1 परन्तु बाद में दूसरे पक्षवाला आकर उसे जाँच लेता है। 1
Acts 23:30और जब मुझे बताया गया, कि वे इस मनुष्य की घात में लगे हैं तो मैंने तुरन्त उसको तेरे पास भेज दिया; और मुद्दइयों को भी आज्ञा दी, कि तेरे सामने उस पर आरोप लगाए।”
Acts 26:1अग्रिप्पा ने पौलुस से कहा, “तुझे अपने विषय में बोलने की अनुमति है।” तब पौलुस हाथ बढ़ाकर उत्तर देने लगा,