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Acts 26:17

और मैं तुझे तेरे लोगों से और अन्यजातियों से बचाता रहूँगा, जिनके पास मैं अब तुझे इसलिए भेजता हूँ। (1 इति. 16:35)

बाइबल (हिन्दी)

In The King James Version

Delivering thee from the people, and from the Gentiles, unto whom now I send thee,

In Context

16परन्तु तू उठ, अपने पाँवों पर खड़ा हो; क्योंकि मैंने तुझे इसलिए दर्शन दिया है कि तुझे उन बातों का भी सेवक और गवाह ठहराऊँ, जो तूने देखी हैं, और उनका भी जिनके लिये मैं तुझे दर्शन दूँगा। (यहे. 2:1)

18कि तू उनकी आँखें खोले, कि वे अंधकार से ज्योति की ओर + 26:18 वे अंधकार से ज्योति की ओर: मूर्तिपूजा और पाप के अंधेरे से ज्योति और सुसमाचार की पवित्रता में।, और शैतान के अधिकार से परमेश्वर की ओर फिरें; कि पापों की क्षमा, और उन लोगों के साथ जो मुझ पर विश्वास करने से पवित्र किए गए हैं, विरासत पाएँ।’ (व्यव. 33:3,4, यशा. 35:5,6, यशा. 42:7, यशा. 42:16, यशा. 61:1)

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Cross References

Psalms 34:19धर्मी पर बहुत सी विपत्तियाँ पड़ती तो हैं, 1 परन्तु यहोवा उसको उन सबसे 1 मुक्त करता है। (नीति. 24:16, 2 तीमु. 3:11) 1

Jeremiah 1:8तू उनसे भयभीत न होना, क्योंकि तुझे छुड़ाने के लिये मैं तेरे साथ हूँ, यहोवा की यही वाणी है।” (प्रेरि. 26:17, प्रेरि. 18:9,10)

Acts 9:15परन्तु प्रभु ने उससे कहा, “तू चला जा; क्योंकि यह, तो अन्यजातियों और राजाओं, और इस्राएलियों के सामने मेरा नाम प्रगट करने के लिये मेरा चुना हुआ पात्र है।

Acts 9:29और यूनानी भाषा बोलनेवाले यहूदियों के साथ बातचीत और वाद-विवाद करता था; परन्तु वे उसे मार डालने का यत्न करने लगे।

Acts 14:5परन्तु जब अन्यजाति और यहूदी उनका अपमान और उन्हें पथराव करने के लिये अपने सरदारों समेत उन पर दौड़े।

Acts 16:39और आकर उन्हें मनाया, और बाहर ले जाकर विनती की, कि नगर से चले जाएँ।

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