आमोस 9:5
सेनाओं के परमेश्वर यहोवा के स्पर्श करने से पृथ्वी पिघलती है, और उसके सारे रहनेवाले विलाप करते हैं; और वह सब की सब मिस्र की नदी के समान हो जाती हैं, जो बढ़ती है फिर लहरें मारती, और घट जाती है।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Psalms 46:6जाति-जाति के लोग झल्ला उठे, राज्य-राज्य 1 के लोग डगमगाने लगे; 1 वह बोल उठा, और पृथ्वी पिघल गई। (प्रका. 11:18, भज. 2:1) 1
Psalms 144:5हे यहोवा, अपने स्वर्ग को नीचा करके उतर आ! 1 पहाड़ों को छू तब उनसे धुआँ उठेगा! 1
Isaiah 64:1भला हो कि तू आकाश को फाड़कर उतर आए और पहाड़ तेरे सामने काँप उठे।
Hosea 4:3इस कारण यह देश विलाप करेगा, और मैदान के जीव-जन्तुओं, और आकाश के पक्षियों समेत उसके सब निवासी कुम्हला जाएँगे; और समुद्र की मछलियाँ भी नाश हो जाएँगी।
Micah 1:3क्योंकि देख, यहोवा अपने पवित्रस्थान से बाहर निकल रहा है, और वह उतरकर पृथ्वी के ऊँचे स्थानों पर चलेगा।
Nahum 1:5उसके स्पर्श से पहाड़ काँप उठते हैं और पहाड़ियाँ गल जाती हैं; उसके प्रताप से पृथ्वी वरन् सारा संसार अपने सब रहनेवालों समेत थरथरा उठता है।