Genesis 46:3
उसने कहा, “मैं परमेश्वर तेरे पिता का परमेश्वर हूँ, तू मिस्र में जाने से मत डर + 46:3 मत डर: इसका यह अर्थ है कि यह परमेश्वर की इच्छा में है कि वह मिस्र को जाए, और यह कि वहाँ वह सुरक्षित रहेगा।; क्योंकि मैं तुझ से वहाँ एक बड़ी जाति बनाऊँगा।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
2तब परमेश्वर ने इस्राएल से रात को दर्शन में कहा, “हे याकूब हे याकूब।” उसने कहा, “क्या आज्ञा।”
Cross References
Genesis 12:2और मैं तुझ से एक बड़ी जाति बनाऊँगा, और तुझे आशीष दूँगा, और तेरा नाम महान करूँगा, और तू आशीष का मूल होगा।
Genesis 15:1इन बातों के पश्चात् यहोवा का यह वचन दर्शन में अब्राम के पास पहुँचा “हे अब्राम, मत डर; मैं तेरी ढाल और तेरा अत्यन्त बड़ा प्रतिफल हूँ।”
Genesis 18:18अब्राहम से तो निश्चय एक बड़ी और सामर्थी जाति उपजेगी, और पृथ्वी की सारी जातियाँ उसके द्वारा आशीष पाएँगी। (प्रेरि. 3:25, रोम. 4:13, गला. 3:8)
Genesis 26:2वहाँ यहोवा ने उसको दर्शन देकर + 26:2 यहोवा ने उसको दर्शन देकर: इसहाक अब उत्तराधिकारी था और इस प्रकार प्रतिज्ञा का वारिस भी था। अतः परमेश्वर उसके साथ बातचीत करता है, और उस कठिन परिस्थिति में उसके साथ रहने की प्रतिज्ञा करता है। कहा, “मिस्र में मत जा; जो देश मैं तुझे बताऊँ उसी में रह।
Genesis 35:11फिर परमेश्वर ने उससे कहा, “मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर हूँ। तू फूले-फले और बढ़े; और तुझ से एक जाति वरन् जातियों की एक मण्डली भी उत्पन्न होगी, और तेरे वंश में राजा उत्पन्न होंगे।
Exodus 1:7परन्तु इस्राएल की सन्तान फूलने-फलने लगी; और वे अत्यन्त सामर्थी बनते चले गए; और इतना अधिक बढ़ गए कि सारा देश उनसे भर गया।