उत्पत्ति 49:24
पर उसका धनुष दृढ़ रहा, 1 और उसकी बाँह और हाथ याकूब के 1 उसी शक्तिमान परमेश्वर के हाथों के द्वारा फुर्तीले हुए, 1 जिसके पास से वह चरवाहा आएगा, 1 जो इस्राएल की चट्टान भी ठहरेगा। 1
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
23धनुर्धारियों ने उसको खेदित किया, 1 और उस पर तीर मारे, 1 और उसके पीछे पड़े हैं। 1
Cross References
Genesis 35:10और परमेश्वर ने उससे कहा, “अब तक तो तेरा नाम याकूब रहा है; पर आगे को तेरा नाम याकूब न रहेगा, तू इस्राएल कहलाएगा + 35:10 तू इस्राएल कहलाएगा: नया नाम दिया जाना समुचित रूप से आत्मिक जीवन के नए किए जाने को व्यक्त करता है।।” इस प्रकार उसने उसका नाम इस्राएल रखा।
Genesis 45:7इसलिए परमेश्वर ने मुझे तुम्हारे आगे इसलिए भेजा कि तुम पृथ्वी पर जीवित रहो, और तुम्हारे प्राणों के बचने से तुम्हारा वंश बढ़े।
Genesis 47:12और यूसुफ अपने पिता का, और अपने भाइयों का, और पिता के सारे घराने का, एक-एक के बाल-बच्चों की गिनती के अनुसार, भोजन दिला-दिलाकर उनका पालन-पोषण करने लगा। 1 अकाल के समय यूसुफ का प्रबन्ध
Exodus 3:6फिर उसने कहा, “मैं तेरे पिता का परमेश्वर, और अब्राहम का परमेश्वर, इसहाक का परमेश्वर, और याकूब का परमेश्वर हूँ।” तब मूसा ने जो परमेश्वर की ओर निहारने से डरता था अपना मुँह ढाँप लिया। (मत्ती 22:32, मर. 12:26, लूका 20:37)
Deuteronomy 32:4“ वह चट्टान है, उसका काम खरा है + 32:4 वह चट्टान है, उसका काम खरा है: परमेश्वर के वे गुण जिन्हें लागू करने का प्रयास मूसा कर रहा था अपरिवर्तनीयता एवं अभेद्यता।; 1 और उसकी सारी गति न्याय की है। 1 वह सच्चा परमेश्वर है, उसमें कुटिलता नहीं, 1 वह धर्मी और सीधा है। (रोम. 9:14) 1
Joshua 1:1यहोवा के दास मूसा की मृत्यु के बाद यहोवा ने उसके सेवक यहोशू से जो नून का पुत्र था कहा,