Genesis 6:7
तब यहोवा ने कहा, “ मैं मनुष्य को जिसकी मैंने सृष्टि की है पृथ्वी के ऊपर से मिटा दूँगा + 6:7 मैं मनुष्य को जिसकी मैंने सृष्टि की है पृथ्वी के ऊपर से मिटा दूँगा: यह वर्तमान मनुष्यजाति को मिटा देने का निर्णय था।; क्या मनुष्य, क्या पशु, क्या रेंगनेवाले जन्तु, क्या आकाश के पक्षी, सब को मिटा दूँगा, क्योंकि मैं उनके बनाने से पछताता हूँ।” 1 परमेश्वर के अनुग्रह की दृष्टि में नूह
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
6और यहोवा पृथ्वी पर मनुष्य को बनाने से पछताया, और वह मन में अति खेदित हुआ।
8परन्तु यहोवा के अनुग्रह की दृष्टि नूह पर बनी रही।
Cross References
Psalms 24:1पृथ्वी और जो कुछ उसमें है यहोवा ही का है; 1 जगत और उसमें निवास करनेवाले भी। 1
Proverbs 10:27यहोवा के भय मानने से आयु बढ़ती है, 1 परन्तु दुष्टों का जीवन थोड़े ही दिनों का होता है। 1
Isaiah 27:11जब उसकी शाखाएँ सूख जाएँ तब तोड़ी जाएँगी + 27:11 तोड़ी जाएँगी: स्वयं ही गिर जाएँगी या उनके द्वारा जो जलाने के लिए लकड़ी एकत्र करते हैं।; और स्त्रियाँ आकर उनको तोड़कर जला देंगी। क्योंकि ये लोग निर्बुद्धि हैं; इसलिए उनका कर्ता उन पर दया न करेगा, और उनका रचनेवाला उन पर अनुग्रह न करेगा।
Jeremiah 12:3हे यहोवा तू मुझे जानता है; तू मुझे देखता है, और तूने मेरे मन की परीक्षा करके देखा कि मैं तेरी ओर किस प्रकार रहता हूँ। जैसे भेड़-बकरियाँ घात होने के लिये झुण्ड में से निकाली जाती हैं, वैसे ही उनको भी निकाल ले और वध के दिन के लिये तैयार कर। (भज. 17:3)
Zephaniah 1:3“मैं मनुष्य और पशु दोनों का अन्त कर दूँगा; मैं आकाश के पक्षियों और समुद्र की मछलियों का, और दुष्टों समेत उनकी रखी हुई ठोकरों के कारण + 1:3 दुष्टों समेत उनकी रखी हुई ठोकरों के कारण: यही नहीं कि दुष्ट का अन्त किया जाएगा वरन् ठोकर के सब कारणों को भी, हर एक कारण जिससे मनुष्य ठोकर खा सकता है नाश किए जाएँगे। का भी अन्त कर दूँगा; मैं मनुष्यजाति को भी धरती पर से नाश कर डालूँगा,” यहोवा की यही वाणी है। (मत्ती 13:41)