इब्रानियों 6:18
ताकि दो बे-बदल बातों के द्वारा जिनके विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अनहोना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिए दौड़े हैं, कि उस आशा को जो सामने रखी हुई है प्राप्त करें। (गिन. 23:19, 1 शमू. 15:29)
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Numbers 23:19परमेश्वर मनुष्य नहीं कि झूठ बोले, 1 और न वह आदमी है कि अपनी इच्छा बदले। 1 क्या जो कुछ उसने कहा उसे न करे? 1 क्या वह वचन देकर उसे पूरा न करे? (रोम. 9:6, 2 तीमु. 2:13) 1
Joshua 20:3जिससे जो कोई भूल से बिना जाने किसी को मार डाले, वह उनमें से किसी में भाग जाए; इसलिए वे नगर खून के पलटा लेनेवाले से बचने के लिये तुम्हारे शरणस्थान ठहरें।
1 Kings 2:28इसका समाचार योआब तक पहुँचा; योआब अबशालोम के पीछे तो नहीं हो लिया था, परन्तु अदोनिय्याह के पीछे हो लिया था। तब योआब यहोवा के तम्बू को भाग गया, और वेदी के सींगों को पकड़ लिया।
Psalms 62:8हे लोगों, हर समय उस पर भरोसा रखो; 1 उससे अपने-अपने मन की बातें खोलकर कहो + 62:8 उससे अपने-अपने मन की बातें खोलकर कहो: यहाँ अंतर्निहित विचार है कि मन कोमल एवं मुलायम हो जाए कि उसकी भावनाएँ और इच्छाएँ पानी के सदृश्य बहने लगें।; 1 परमेश्वर हमारा शरणस्थान है। (सेला) 1
Proverbs 3:18जो बुद्धि को ग्रहण कर लेते हैं, 1 उनके लिये वह जीवन का वृक्ष बनती है; और जो उसको पकड़े रहते हैं, वह धन्य हैं। 1
Isaiah 27:5या मेरे साथ मेल करने को वे मेरी शरण लें, वे मेरे साथ मेल कर लें।