यशायाह 12:1
उस दिन + 12:1 उस दिन: पिछले अध्याय में जिस दिन का संदर्भ है, मसीह के आगमन का समय जब उसके राज्य का प्रभाव हर जगह दिखाई देगा। तू कहेगा, “हे यहोवा, मैं तेरा धन्यवाद करता हूँ, क्योंकि यद्यपि तू मुझ पर क्रोधित हुआ था, परन्तु अब तेरा क्रोध शान्त हुआ, और तूने मुझे शान्ति दी है।”
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Nehemiah 8:10फिर उसने उनसे कहा, “जाकर चिकना-चिकना भोजन करो और मीठा-मीठा रस पियो, और जिनके लिये कुछ तैयार नहीं हुआ उनके पास भोजन सामग्री भेजो; क्योंकि आज का दिन हमारे प्रभु के लिये पवित्र है; और उदास मत रहो, क्योंकि यहोवा का आनन्द तुम्हारा दृढ़ गढ़ है।”
Psalms 30:5क्योंकि उसका क्रोध, तो क्षण भर का होता है, 1 परन्तु उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है + 30:5 उसकी प्रसन्नता जीवन भर की होती है: उसकी प्रवृति में जीवन देना है। वह जीवन रक्षक है, वह शाश्वत जीवन देता है।। 1 कदाचित् रात को रोना पड़े, 1 परन्तु सवेरे आनन्द पहुँचेगा। 1
Psalms 67:1परमेश्वर हम पर अनुग्रह करे और हमको आशीष दे; 1 वह हम पर अपने मुख का प्रकाश चमकाए, (सेला) 1
Psalms 72:15वह तो जीवित रहेगा और शेबा के सोने में से उसको दिया जाएगा। 1 लोग उसके लिये नित्य प्रार्थना करेंगे; 1 और दिन भर उसको धन्य कहते रहेंगे। 1
Psalms 85:4हे हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर, हमको पुनः स्थापित कर, 1 और अपना क्रोध हम पर से दूर कर + 85:4 अपना क्रोध हम पर से दूर कर: अन्तर्निहित विचार है कि यदि वे पापों से विमुख हो जाएँ तो उसके क्रोध का कारण दूर हो जाएगा और नि:सन्देह वह रुक जाएगा। ! 1
Psalms 149:6उनके कण्ठ से परमेश्वर की प्रशंसा हो, 1 और उनके हाथों में दोधारी तलवारें रहें, 1