यशायाह 46:10
मैं तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूँ जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूँ, ‘ मेरी युक्ति स्थिर रहेगी + 46:10 मेरी युक्ति स्थिर रहेगी: मेरा उद्देश्य, मेरी योजना, मेरी मर्जी स्थिर रहेगी का अर्थ है, अचल, बस जाना, निश्चित होना, स्थापित होना और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूँगा।’
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Genesis 3:15और मैं तेरे और इस स्त्री के बीच में, और तेरे वंश और इसके वंश के बीच में बैर उत्पन्न करूँगा, वह तेरे सिर को कुचल डालेगा, और तू उसकी एड़ी को डसेगा।”
Genesis 49:10जब तक शीलो न आए 1 तब तक न तो यहूदा से राजदण्ड छूटेगा, 1 न उसके वंश से व्यवस्था देनेवाला अलग होगा; 1 और राज्य-राज्य के लोग उसके अधीन + 49:10 उसके अधीन: न केवल इस्राएल की सन्तान, बल्कि आदम की सब सन्तान अंत में शान्ति के राजकुमार को दण्डवत करेंगी। यह स्त्री का वंश है जो उस सर्प के सिर को कुचलेगा, यह अब्राहम का वंशज होगा। हो जाएँगे। (यूह. 11:52) 1
Numbers 24:17मैं उसको देखूँगा तो सही, परन्तु अभी नहीं; 1 मैं उसको निहारूँगा तो सही, परन्तु समीप होकर नहीं 1 याकूब में से एक तारा उदय होगा, 1 और इस्राएल में से एक राजदण्ड उठेगा; 1 जो मोआब की सीमाओं को चूर कर देगा, 1 और सब शेत के पुत्रों का नाश कर देगा। (मत्ती 2:2) 1
Deuteronomy 28:15“परन्तु यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा की बात न सुने, और उसकी सारी आज्ञाओं और विधियों के पालन करने में जो मैं आज सुनाता हूँ चौकसी नहीं करेगा, तो ये सब श्राप तुझ पर आ पड़ेंगे।
Psalms 33:11यहोवा की योजना सर्वदा स्थिर रहेगी, 1 उसके मन की कल्पनाएँ पीढ़ी से पीढ़ी 1 तक बनी रहेंगी। 1
Proverbs 19:21मनुष्य के मन में बहुत सी कल्पनाएँ होती हैं, 1 परन्तु जो युक्ति यहोवा करता है, वही स्थिर रहती है। 1