यशायाह 48:1
हे याकूब के घराने, यह बात सुन, तुम जो इस्राएली कहलाते और यहूदा के सोतों के जल से उत्पन्न हुए हो; जो यहोवा के नाम की शपथ खाते हो और इस्राएल के परमेश्वर की चर्चा तो करते हो, परन्तु सच्चाई और धार्मिकता से नहीं करते।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Genesis 35:10और परमेश्वर ने उससे कहा, “अब तक तो तेरा नाम याकूब रहा है; पर आगे को तेरा नाम याकूब न रहेगा, तू इस्राएल कहलाएगा + 35:10 तू इस्राएल कहलाएगा: नया नाम दिया जाना समुचित रूप से आत्मिक जीवन के नए किए जाने को व्यक्त करता है।।” इस प्रकार उसने उसका नाम इस्राएल रखा।
Leviticus 19:12तुम मेरे नाम की झूठी शपथ खाके अपने परमेश्वर का नाम अपवित्र न ठहराना; मैं यहोवा हूँ। (मत्ती 5:33)
Deuteronomy 5:28“जब तुम मुझसे ये बातें कह रहे थे तब यहोवा ने तुम्हारी बातें सुनीं; तब उसने मुझसे कहा, ‘इन लोगों ने जो-जो बातें तुझ से कही हैं मैंने सुनी हैं; इन्होंने जो कुछ कहा वह ठीक ही कहा।
Deuteronomy 10:20अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानना; उसी की सेवा करना और उसी से लिपटे रहना, और उसी के नाम की शपथ खाना।
2 Kings 5:20कि परमेश्वर के भक्त एलीशा का सेवक गेहजी सोचने लगा, “मेरे स्वामी ने तो उस अरामी नामान को ऐसा ही छोड़ दिया है कि जो वह ले आया था उसको उसने न लिया, परन्तु यहोवा के जीवन की शपथ + 5:20 यहोवा के जीवन की शपथ: यह एक निन्दनीय शपथ है। गेहजी अपने आपको उचित एवं धर्मी दर्शाने के लिए एक अत्यधिक पवित्र धार्मिक शब्दावली काम में लेने में संकोच नहीं करता है। मैं उसके पीछे दौड़कर उससे कुछ न कुछ ले लूँगा।”
Psalms 50:16परन्तु दुष्ट से परमेश्वर कहता है: 1 “तुझे मेरी विधियों का वर्णन करने से क्या काम? 1 तू मेरी वाचा की चर्चा क्यों करता है? 1