यशायाह 6:10
तू इन लोगों के मन को मोटे + 6:10 मन को मोटे: यहाँ मन के उपयोग का अभिप्राय उनकी सब मानसिक शक्तियों से है। और उनके कानों को भारी कर, और उनकी आँखों को बन्द कर; ऐसा न हो कि वे आँखों से देखें, और कानों से सुनें, और मन से बूझें, और मन फिराएँ और चंगे हो जाएँ।” (मत्ती 13:15, यूह. 12:40, प्रेरि. 28:26,27, रोम. 11:8)
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
9उसने कहा, “जा, और इन लोगों से कह, ‘सुनते ही रहो, परन्तु न समझो; देखते ही रहो, परन्तु न बूझो।’
Cross References
Exodus 7:3परन्तु मैं फ़िरौन के मन को कठोर कर दूँगा, और अपने चिन्ह और चमत्कार मिस्र देश में बहुत से दिखलाऊँगा। (प्रेरि. 7:36)
Exodus 11:10मूसा और हारून ने फ़िरौन के सामने ये सब चमत्कार किए; पर यहोवा ने फ़िरौन का मन और कठोर कर दिया, इसलिए उसने इस्राएलियों को अपने देश से जाने न दिया।
Deuteronomy 2:30परन्तु हेशबोन के राजा सीहोन ने हमको अपने देश में से होकर चलने न दिया; क्योंकि तुम्हारे परमेश्वर यहोवा ने उसका चित्त कठोर और उसका मन हठीला कर दिया था, इसलिए कि उसको तुम्हारे हाथ में कर दे, जैसा कि आज प्रगट है।
Deuteronomy 32:15“परन्तु यशूरून मोटा होकर लात मारने लगा; 1 तू मोटा और हष्ट-पुष्ट हो गया, और चर्बी से छा गया है; 1 तब उसने अपने सृजनहार परमेश्वर को तज दिया, 1 और अपने उद्धार चट्टान को तुच्छ जाना। 1
Psalms 119:70उनका मन मोटा हो गया है, 1 परन्तु मैं तेरी व्यवस्था के कारण सुखी हूँ। 1
Ecclesiastes 3:3घात करने का समय, और चंगा करने का भी समय; 1 ढा देने का समय, और बनाने का भी समय है; 1