यशायाह 8:14
और वह शरणस्थान होगा + 8:14 वह शरणस्थान होगा: यहाँ शरणस्थान का मूल अर्थ है पवित्रस्थान, एक अभिषिक्त स्थान जिसका उपयोग प्रायः मिलापवाले तम्बू के लिए किया जाता था या शरणस्थान के लिए जहाँ संकट के समय कोई भाग जाए।, परन्तु इस्राएल के दोनों घरानों के लिये ठोकर का पत्थर और ठेस की चट्टान, और यरूशलेम के निवासियों के लिये फंदा और जाल होगा। (रोम. 9:32,33)
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
13सेनाओं के यहोवा ही को पवित्र जानना; उसी का डर मानना, और उसी का भय रखना। (प्रका. 15:4, लूका 12:5)
Cross References
Joshua 10:7तब यहोशू सारे योद्धाओं और सब शूरवीरों को संग लेकर गिलगाल से चल पड़ा।
Psalms 46:1परमेश्वर हमारा शरणस्थान और बल है, 1 संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक + 46:1 संकट में अति सहज से मिलनेवाला सहायक: यहाँ सहायक अर्थात्, सहयोग एवं सहकारिता। संकट: अर्थात् तनाव और दुःख देनेवाली सब परिस्थितियाँ। । 1
Proverbs 18:10यहोवा का नाम दृढ़ गढ़ है; 1 धर्मी उसमें भागकर सब दुर्घटनाओं से बचता है। 1
Isaiah 24:17हे पृथ्वी के रहनेवालों तुम्हारे लिये भय और गड्ढा और फंदा है! (लूका 21:35)
Isaiah 28:16इसलिए प्रभु यहोवा यह कहता है, “देखो, मैंने सिय्योन में नींव का पत्थर रखा है, एक परखा हुआ पत्थर, कोने का अनमोल और अति दृढ़ नींव के योग्य पत्थर: और जो कोई विश्वास रखे वह उतावली न करेगा। (रोम. 9:33, 1 कुरि. 3:11, इफि. 2:20, 1 पत. 2:4-6)
Ezekiel 11:16परन्तु तू उनसे कह, ‘प्रभु यहोवा यह कहता है कि मैंने तुम को दूर-दूर की जातियों में बसाया और देश-देश में तितर-बितर कर दिया तो है, तो भी जिन देशों में तुम आए हुए हो, उनमें मैं स्वयं तुम्हारे लिये थोड़े दिन तक पवित्रस्थान ठहरूँगा।’