James 5:16
इसलिए तुम आपस में एक दूसरे के सामने अपने-अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिससे चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Genesis 18:23तब अब्राहम उसके समीप जाकर कहने लगा, “क्या तू सचमुच दुष्ट के संग धर्मी भी नाश करेगा?
Genesis 20:7इसलिए अब उस पुरुष की पत्नी को उसे लौटा दे; क्योंकि वह नबी है + 20:7 वह नबी है: यहाँ परमेश्वर द्वारा अब्राहम को नबी की उपाधि मिली। नबी परमेश्वर का व्यक्ता होता है जो परमेश्वर की बातों को अधिकार के साथ बोलता है।, और तेरे लिये प्रार्थना करेगा, और तू जीता रहेगा पर यदि तू उसको न लौटाए तो जान रख, कि तू, और तेरे जितने लोग हैं, सब निश्चय मर जाएँगे।”
Genesis 32:28उसने कहा, “तेरा नाम अब याकूब नहीं, परन्तु इस्राएल + 32:28 इस्राएल: अर्थात् “वह परमेश्वर के साथ लड़ा” होगा, क्योंकि तू परमेश्वर से और मनुष्यों से भी युद्ध करके प्रबल हुआ है।”
Exodus 9:28मेघों का गरजना और ओलों का बरसना तो बहुत हो गया; अब यहोवा से विनती करो; तब मैं तुम लोगों को जाने दूँगा, और तुम न रोके जाओगे।”
Exodus 17:11और जब तक मूसा अपना हाथ उठाए रहता था तब तक तो इस्राएल प्रबल होता था; परन्तु जब जब वह उसे नीचे करता तब-तब अमालेक प्रबल होता था।
Numbers 11:2तब लोग मूसा के पास आकर चिल्लाए; और मूसा ने यहोवा से प्रार्थना की, तब वह आग बुझ गई,