अय्यूब 20:2
“मेरा जी चाहता है कि उत्तर दूँ, 1 और इसलिए बोलने में फुर्ती करता हूँ। 1
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
Therefore do my thoughts cause me to answer, and for this I make haste.
In Context
3मैंने ऐसी डाँट सुनी जिससे मेरी निन्दा हुई, 1 और मेरी आत्मा अपनी समझ के अनुसार तुझे उत्तर देती है। 1
Cross References
Job 4:2“यदि कोई तुझ से कुछ कहने लगे, 1 तो क्या तुझे बुरा लगेगा? 1 परन्तु बोले बिना कौन रह सकता है? 1
Job 20:3मैंने ऐसी डाँट सुनी जिससे मेरी निन्दा हुई, 1 और मेरी आत्मा अपनी समझ के अनुसार तुझे उत्तर देती है। 1
Psalms 31:22मैंने तो घबराकर कहा था कि मैं यहोवा की 1 दृष्टि से दूर हो गया। 1 तो भी जब मैंने तेरी दुहाई दी, तब तूने मेरी 1 गिड़गिड़ाहट को सुन लिया। 1
Psalms 116:11मैंने उतावली से कहा, 1 “सब मनुष्य झूठें हैं।” (रोम. 3:4) 1
Proverbs 29:20क्या तू बातें करने में उतावली करनेवाले मनुष्य को देखता है? 1 उससे अधिक तो मूर्ख ही से आशा है। 1
Jeremiah 20:9यदि मैं कहूँ, “मैं उसकी चर्चा न करूँगा न उसके नाम से बोलूँगा,” तो मेरे हृदय की ऐसी दशा होगी मानो मेरी हड्डियों में धधकती हुई आग हो, और मैं अपने को रोकते-रोकते थक गया पर मुझसे रहा नहीं जाता। (1 कुरि. 9:16)