अय्यूब 34:33
क्या वह तेरे ही मन के अनुसार बदला पाए क्योंकि तू उससे अप्रसन्न है? 1 क्योंकि तुझे निर्णय करना है, न कि मुझे; 1 इस कारण जो कुछ तुझे समझ पड़ता है, वह कह दे। 1
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
34सब ज्ञानी पुरुष 1 वरन् जितने बुद्धिमान मेरी सुनते हैं वे मुझसे कहेंगे, 1
Cross References
Job 15:31वह अपने को धोखा देकर व्यर्थ बातों का भरोसा न करे, 1 क्योंकि उसका प्रतिफल धोखा ही होगा। 1
Job 33:5यदि तू मुझे उत्तर दे सके, तो दे; 1 मेरे सामने अपनी बातें क्रम से रचकर खड़ा हो जा। 1
Job 34:11वह मनुष्य की करनी का फल देता है, 1 और प्रत्येक को अपनी-अपनी चाल का फल भुगताता है। 1
Psalms 50:21यह काम तूने किया, और मैं चुप रहा; 1 इसलिए तूने समझ लिया कि परमेश्वर बिल्कुल मेरे समान है। 1 परन्तु मैं तुझे समझाऊँगा, और तेरी आँखों के 1 सामने सब कुछ अलग-अलग दिखाऊँगा।” 1
Psalms 135:6जो कुछ यहोवा ने चाहा 1 उसे उसने आकाश और पृथ्वी और समुद्र 1 और सब गहरे स्थानों में किया है। 1
Isaiah 45:9“हाय उस पर जो अपने रचनेवाले से झगड़ता है! वह तो मिट्टी के ठीकरों में से एक ठीकरा ही है! क्या मिट्टी कुम्हार से कहेगी, ‘तू यह क्या करता है?’ क्या कारीगर का बनाया हुआ कार्य उसके विषय कहेगा, ‘उसके हाथ नहीं है’? (रोम. 9:20,21)