John 17:2
क्योंकि तूने उसको सब प्राणियों पर अधिकार दिया, कि जिन्हें तूने उसको दिया है, उन सब को वह अनन्त जीवन दे।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
3और अनन्त जीवन यह है, कि वे तुझ एकमात्र सच्चे परमेश्वर को और यीशु मसीह को, जिसे तूने भेजा है, जानें।
Cross References
Psalms 2:6“मैंने तो अपने चुने हुए राजा को, 1 अपने पवित्र पर्वत सिय्योन की राजगद्दी पर नियुक्त किया है।” 1
Daniel 7:14तब उसको ऐसी प्रभुता, महिमा और राज्य दिया गया, कि देश-देश और जाति-जाति के लोग और भिन्न-भिन्न भाषा बोलनेवाले सब उसके अधीन हों; उसकी प्रभुता सदा तक अटल, और उसका राज्य अविनाशी ठहरा। (प्रका. 11:15) 1 दानिय्येल के द्वारा दर्शनों का अर्थ बताना
Matthew 28:18यीशु ने उनके पास आकर कहा, “स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार + 28:18 अधिकार: स्वर्ग और पृथ्वी का सारा अधिकार यीशु को दिया गया है, “परमेश्वर का पुत्र” “सृष्टिकर्ता” के रूप में, उन्हें सब कुछ को नियंत्रण और समाप्त करने का मूल अधिकार है। देखिए योना 1:3; कुलुस्सियों 1:16-17; इब्रानियों 1:8 मुझे दिया गया है।
John 4:14परन्तु जो कोई उस जल में से पीएगा जो मैं उसे दूँगा, वह फिर अनन्तकाल तक प्यासा न होगा; वरन् जो जल मैं उसे दूँगा + 4:14 जो जल मैं उसे दूँगा: यीशु ने यहाँ पर बिना सन्देह के अपनी ही शिक्षा, अपना “अनुग्रह,” अपनी “आत्मा” और उसके सुसमाचार को गले लगाने से जो लाभ आत्मा में आते है, को संदर्भित किया।, वह उसमें एक सोता बन जाएगा, जो अनन्त जीवन के लिये उमड़ता रहेगा।”
John 6:27नाशवान भोजन के लिये परिश्रम न करो + 6:27 नाशवान भोजन के लिये परिश्रम न करो: इसका मतलब यह नहीं हैं कि हम हमारी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए कोई प्रयास न करे, परन्तु यह कि हम चिंता प्रकट ना करें।, परन्तु उस भोजन के लिये जो अनन्त जीवन तक ठहरता है, जिसे मनुष्य का पुत्र तुम्हें देगा, क्योंकि पिता, अर्थात् परमेश्वर ने उसी पर छाप कर दी है।”
John 6:39और मेरे भेजनेवाले की इच्छा यह है कि जो कुछ उसने मुझे दिया है, उसमें से मैं कुछ न खोऊँ परन्तु उसे अन्तिम दिन फिर जिला उठाऊँ।