John 7:18
जो अपनी ओर से कुछ कहता है, वह अपनी ही बढ़ाई चाहता है; परन्तु जो अपने भेजनेवाले की बड़ाई चाहता है वही सच्चा है, और उसमें अधर्म नहीं।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Numbers 11:29मूसा ने उससे कहा, “क्या तू मेरे कारण जलता है? भला होता कि यहोवा की सारी प्रजा के लोग भविष्यद्वक्ता होते, और यहोवा अपना आत्मा उन सभी में समवा देता!” (1 कुरि. 14:5)
Matthew 6:9“अतः तुम इस रीति से प्रार्थना किया करो: 1 ‘हे हमारे पिता, तू जो स्वर्ग में है; तेरा नाम पवित्र + 6:9 पवित्र: इसका मतलब सम्मान देने या भय मानने से है परन्तु इसके साथ आराधना और महिमा करना भी हैं माना जाए। (लूका 11:2) 1
John 5:41मैं मनुष्यों से आदर नहीं चाहता।
John 8:54यीशु ने उत्तर दिया, “यदि मैं आप अपनी महिमा करूँ, तो मेरी महिमा कुछ नहीं, परन्तु मेरी महिमा करनेवाला मेरा पिता है, जिसे तुम कहते हो, कि वह हमारा परमेश्वर है।
John 12:28हे पिता अपने नाम की महिमा कर।” तब यह आकाशवाणी हुई, “मैंने उसकी महिमा की है, और फिर भी करूँगा।”
John 17:4जो काम तूने मुझे करने को दिया था, उसे पूरा करके मैंने पृथ्वी पर तेरी महिमा की है।