John 9:31
हम जानते हैं कि परमेश्वर पापियों की नहीं सुनता परन्तु यदि कोई परमेश्वर का भक्त हो, और उसकी इच्छा पर चलता है, तो वह उसकी सुनता है। (नीति. 15:29)
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
32जगत के आरम्भ से यह कभी सुनने में नहीं आया, कि किसी ने भी जन्म के अंधे की आँखें खोली हों।
Cross References
Genesis 18:23तब अब्राहम उसके समीप जाकर कहने लगा, “क्या तू सचमुच दुष्ट के संग धर्मी भी नाश करेगा?
Genesis 20:7इसलिए अब उस पुरुष की पत्नी को उसे लौटा दे; क्योंकि वह नबी है + 20:7 वह नबी है: यहाँ परमेश्वर द्वारा अब्राहम को नबी की उपाधि मिली। नबी परमेश्वर का व्यक्ता होता है जो परमेश्वर की बातों को अधिकार के साथ बोलता है।, और तेरे लिये प्रार्थना करेगा, और तू जीता रहेगा पर यदि तू उसको न लौटाए तो जान रख, कि तू, और तेरे जितने लोग हैं, सब निश्चय मर जाएँगे।”
1 Kings 18:36फिर भेंट चढ़ाने के समय एलिय्याह नबी समीप जाकर कहने लगा, “हे अब्राहम, इसहाक और इस्राएल के परमेश्वर यहोवा! आज यह प्रगट कर कि इस्राएल में तू ही परमेश्वर है, और मैं तेरा दास हूँ, और मैंने ये सब काम तुझ से वचन पाकर किए हैं।
Job 27:8जब परमेश्वर भक्तिहीन मनुष्य का प्राण ले ले, 1 तब यद्यपि उसने धन भी प्राप्त किया हो, तो भी उसकी क्या आशा रहेगी? 1
Job 42:8इसलिए अब तुम सात बैल और सात मेढ़े छाँटकर मेरे दास अय्यूब के पास जाकर अपने निमित्त होमबलि चढ़ाओ, तब मेरा दास अय्यूब तुम्हारे लिये प्रार्थना करेगा, क्योंकि उसी की प्रार्थना मैं ग्रहण करूँगा; और नहीं, तो मैं तुम से तुम्हारी मूर्खता के योग्य बर्ताव करूँगा, क्योंकि तुम लोगों ने मेरे विषय मेरे दास अय्यूब की सी ठीक बात नहीं कही।”
Psalms 34:15यहोवा की आँखें धर्मियों पर लगी रहती हैं, 1 और उसके कान भी उनकी दुहाई की 1 ओर लगे रहते हैं। (यूह. 9:31) 1