यहोशू 2:4
उस स्त्री ने दोनों पुरुषों को छिपा रखा; और इस प्रकार कहा, “मेरे पास कई पुरुष आए तो थे, परन्तु मैं नहीं जानती कि वे कहाँ के थे + 2:4 मैं नहीं जानती कि वे कहाँ के थे: राहाब ने जो कार्य किया वह परमेश्वर के उद्घोषित वचन एवं अंगीकार से कि उसकी इच्छा का विरोध करना व्यर्थ है वरन् दुष्टता है। ; (याकू. 2:25)
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Joshua 6:17और नगर और जो कुछ उसमें है यहोवा के लिये अर्पण + 6:17 यहोवा के लिये अर्पण: यरीहो, कनानियों का पहला नगर जो जीता गया, वह परमेश्वर के लिए प्रथम फल की भेंट था। राहाब और उसके परिवार को छोड़ प्रत्येक प्राणी का संहार किया गया जो यहोवा के लिए बलि था। की वस्तु ठहरेगी; केवल राहाब वेश्या और जितने उसके घर में हों वे जीवित छोड़े जाएँगे, क्योंकि उसने हमारे भेजे हुए दूतों को छिपा रखा था। (याकू. 2:25)
2 Samuel 16:18हूशै ने अबशालोम से कहा, “ऐसा नहीं; जिसको यहोवा और वे लोग, क्या वरन् सब इस्राएली लोग चाहें, उसी का मैं हूँ, और उसी के संग मैं रहूँगा।
2 Samuel 17:20तब अबशालोम के सेवक उस घर में उस स्त्री के पास जाकर कहने लगे, “अहीमास और योनातान कहाँ हैं?” तब स्त्री ने उनसे कहा, “वे तो उस छोटी नदी के पार गए।” तब उन्होंने उन्हें ढूँढ़ा, और न पाकर यरूशलेम को लौटे।