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Luke 20:21

उन्होंने उससे यह पूछा, “हे गुरु, हम जानते हैं कि तू ठीक कहता, और सिखाता भी है, और किसी का पक्षपात नहीं करता; वरन् परमेश्वर का मार्ग सच्चाई से बताता है।

बाइबल (हिन्दी)

In The King James Version

And they asked him, saying, Master, we know that thou sayest and teachest rightly, neither acceptest thou the person of any, but teachest the way of God truly:

In Context

20और वे उसकी ताक में लगे और भेदिए भेजे, कि धर्मी का भेष धरकर उसकी कोई न कोई बात पकड़ें, कि उसे राज्यपाल के हाथ और अधिकार में सौंप दें।

22क्या हमें कैसर को कर देना उचित है, कि नहीं?”

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Cross References

Job 34:19परमेश्वर तो हाकिमों का पक्ष नहीं करता 1 और धनी और कंगाल दोनों को अपने बनाए हुए जानकर 1 उनमें कुछ भेद नहीं करता। (याकू. 2:1, रोम. 2:11, नीति. 22:2) 1

Psalms 55:21उसके मुँह की बातें तो मक्खन सी चिकनी थी 1 परन्तु उसके मन में लड़ाई की बातें थीं; 1 उसके वचन तेल से अधिक नरम तो थे 1 परन्तु नंगी तलवारें थीं। 1

Matthew 22:16अतः उन्होंने अपने चेलों को हेरोदियों के साथ उसके पास यह कहने को भेजा, “हे गुरु, हम जानते हैं, कि तू सच्चा है, और परमेश्वर का मार्ग सच्चाई से सिखाता है, और किसी की परवाह नहीं करता, क्योंकि तू मनुष्यों का मुँह देखकर बातें नहीं करता।

Mark 12:14और उन्होंने आकर उससे कहा, “हे गुरु, हम जानते हैं, कि तू सच्चा है, और किसी की परवाह नहीं करता; क्योंकि तू मनुष्यों का मुँह देखकर बातें नहीं करता, परन्तु परमेश्वर का मार्ग सच्चाई से बताता है। तो क्या कैसर को कर देना उचित है, कि नहीं?

Acts 10:34तब पतरस ने मुँह खोलकर कहा, अब मुझे निश्चय हुआ, कि परमेश्वर किसी का पक्ष नहीं करता, (व्यव. 10:17, 2 इति. 19:7)

Galatians 1:10अब मैं क्या मनुष्यों को मनाता हूँ या परमेश्वर को? क्या मैं मनुष्यों को प्रसन्न करना चाहता हूँ? यदि मैं अब तक मनुष्यों को ही प्रसन्न करता रहता + 1:10 मनुष्यों को ही प्रसन्न करता रहता: यदि यह उसके जीवन का उद्देश्य होता, तो वह “अब मसीह का दास” नहीं होता।, तो मसीह का दास न होता। 1 प्रेरिताई के लिये बुलाहट

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