Mark 1:13
और जंगल में चालीस दिन तक शैतान ने उसकी परीक्षा की; और वह वन-पशुओं के साथ रहा; और स्वर्गदूत उसकी सेवा करते रहे। 1 गलील में यीशु का सन्देश
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
12तब आत्मा ने तुरन्त उसको जंगल की ओर भेजा।
14यूहन्ना के पकड़वाए जाने के बाद यीशु ने गलील में आकर परमेश्वर के राज्य का सुसमाचार प्रचार किया।
Cross References
Exodus 24:18तब मूसा बादल के बीच में प्रवेश करके पर्वत पर चढ़ गया। और मूसा पर्वत पर चालीस दिन और चालीस रात रहा।
Deuteronomy 9:11और चालीस दिन और चालीस रात के बीत जाने पर यहोवा ने पत्थर की वे दो वाचा की पटियाएँ मुझे दे दीं।
Deuteronomy 9:25“मैं यहोवा के सामने चालीस दिन और चालीस रात मुँह के बल पड़ा रहा, क्योंकि यहोवा ने कह दिया था, कि वह तुम्हारा सत्यानाश करेगा।
Matthew 4:10तब यीशु ने उससे कहा, “हे शैतान दूर हो जा, क्योंकि लिखा है: ‘तू प्रभु अपने परमेश्वर को प्रणाम कर, और केवल उसी की उपासना कर।’” (व्यव. 6:13)
1 Timothy 3:16और इसमें सन्देह नहीं कि 1 भक्ति का भेद + 3:16 भक्ति का भेद: “भेद” शब्द का अर्थ है, गुप्त या छुपा हुआ, और “भक्ति” शब्द का अर्थ है, उचित रूप से, ईश्वर-भक्ति, श्रद्धा, या धार्मिकता। गम्भीर है, अर्थात्, 1 वह जो शरीर में प्रगट हुआ, 1 आत्मा में धर्मी ठहरा, 1 स्वर्गदूतों को दिखाई दिया, 1 अन्यजातियों में उसका प्रचार हुआ, 1 जगत में उस पर विश्वास किया गया, 1 और महिमा में ऊपर उठाया गया।
Hebrews 4:15क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुःखी न हो सके + 4:15 क्योंकि हमारा ऐसा महायाजक नहीं, जो हमारी निर्बलताओं में हमारे साथ दुःखी न हो सके: हमारे पास वह एक हैं जो हमारे कष्टों में सहानुभूति रखने के लिये बहुत ही योग्य हैं, इसलिए हम परीक्षाओं में सहायता और आश्रय के लिये देख सकते हैं।; वरन् वह सब बातों में हमारे समान परखा तो गया, तो भी निष्पाप निकला।