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Mark 14:2

परन्तु कहते थे, “पर्व के दिन नहीं, कहीं ऐसा न हो कि लोगों में दंगा मचे।” 1 यीशु का अभ्यंजन

बाइबल (हिन्दी)

In The King James Version

But they said, Not on the feast day, lest there be an uproar of the people.

In Context

1दो दिन के बाद फसह + 14:1 फसह: मत्ती 26:2 की टिप्पणी देखें। और अख़मीरी रोटी का पर्व होनेवाला था। और प्रधान याजक और शास्त्री इस बात की खोज में थे कि उसे कैसे छल से पकड़कर मार डालें।

3जब वह बैतनिय्याह + 14:3 बैतनिय्याह: मत्ती 21:17 की टिप्पणी देखें। में शमौन कोढ़ी के घर भोजन करने बैठा हुआ था तब एक स्त्री संगमरमर के पात्र में जटामासी का बहुमूल्य शुद्ध इत्र लेकर आई; और पात्र तोड़कर इत्र को उसके सिर पर उण्डेला।

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Cross References

Proverbs 21:30यहोवा के विरुद्ध न तो कुछ बुद्धि, 1 और न कुछ समझ, न कोई युक्ति चलती है। 1

Matthew 26:5परन्तु वे कहते थे, “पर्व के समय नहीं; कहीं ऐसा न हो कि लोगों में दंगा मच जाए।” 1 यीशु पर बहुमूल्य इत्र का छिड़काव

Mark 11:32और यदि हम कहें, ‘मनुष्यों की ओर से,’ तो लोगों का डर है, क्योंकि सब जानते हैं कि यूहन्ना सचमुच भविष्यद्वक्ता था।

John 7:40तब भीड़ में से किसी किसी ने ये बातें सुनकर कहा, “सचमुच यही वह भविष्यद्वक्ता है।” (मत्ती 21:11)

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