Mark 15:12
यह सुन पिलातुस ने उनसे फिर पूछा, “तो जिसे तुम यहूदियों का राजा कहते हो, उसको मैं क्या करूँ?”
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
11परन्तु प्रधान याजकों ने लोगों को उभारा, कि वह बरअब्बा ही को उनके लिये छोड़ दे।
13वे फिर चिल्लाए, “उसे क्रूस पर चढ़ा दे!”
Cross References
Proverbs 2:6क्योंकि बुद्धि यहोवा ही देता है + 2:6 क्योंकि बुद्धि यहोवा ही देता है: मनुष्य अपने प्रयास से बुद्धि प्राप्त नहीं कर सकता है। परमेश्वर ही है जो बुद्धि अपनी भलाई के नियमों के अनुसार देता है।; 1 ज्ञान और समझ की बातें उसी के मुँह से निकलती हैं। (याकू. 1:5) 1
Jeremiah 23:5“यहोवा की यह भी वाणी है, देख ऐसे दिन आते हैं जब मैं दाऊद के कुल में एक धर्मी अंकुर + 23:5 धर्मी अंकुर: अंकुर वह है जिसमें जड़ निकलकर बढ़ती है, यदि वह नष्ट कर दिया जाये तो जड़ भी नष्ट हो जाती है। उगाऊँगा, और वह राजा बनकर बुद्धि से राज्य करेगा, और अपने देश में न्याय और धार्मिकता से प्रभुता करेगा।
Matthew 2:2“यहूदियों का राजा जिसका जन्म हुआ है, कहाँ है? क्योंकि हमने पूर्व में उसका तारा देखा है और उसको झुककर प्रणाम करने आए हैं।” (गिन. 24:17)
Matthew 27:22पिलातुस ने उनसे पूछा, “फिर यीशु को जो मसीह कहलाता है, क्या करूँ?” सब ने उससे कहा, “वह क्रूस पर चढ़ाया जाए।”
Mark 15:1और भोर होते ही तुरन्त प्रधान याजकों, प्राचीनों, और शास्त्रियों ने वरन् सारी महासभा ने सलाह करके यीशु को बन्धवाया, और उसे ले जाकर पिलातुस के हाथ सौंप दिया।
Luke 23:20पर पिलातुस ने यीशु को छोड़ने की इच्छा से लोगों को फिर समझाया।