Mark 3:5
और उसने उनके मन की कठोरता से उदास होकर, उनको क्रोध से चारों ओर देखा, और उस मनुष्य से कहा, “अपना हाथ बढ़ा।” उसने बढ़ाया, और उसका हाथ अच्छा हो गया।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Judges 10:16तब वे पराए देवताओं को अपने मध्य में से दूर करके यहोवा की उपासना करने लगे; और वह इस्राएलियों के कष्ट के कारण खेदित हुआ।
1 Kings 13:6तब राजा ने परमेश्वर के जन से कहा, “अपने परमेश्वर यहोवा को मना और मेरे लिये प्रार्थना कर, कि मेरा हाथ ज्यों का त्यों हो जाए!” तब परमेश्वर के जन ने यहोवा को मनाया और राजा का हाथ फिर ज्यों का त्यों हो गया।
Psalms 95:10चालीस वर्ष तक मैं उस पीढ़ी के लोगों से रूठा रहा, 1 और मैंने कहा, “ये तो भरमानेवाले मन के हैं, 1 और इन्होंने मेरे मार्गों को नहीं पहचाना।” 1
Isaiah 42:18हे बहरों, सुनो; हे अंधों, आँख खोलो कि तुम देख सको! (मत्ती 11:5)
Isaiah 63:9उनके सारे संकट में उसने भी कष्ट उठाया, और उसके सम्मुख रहनेवाले दूत ने उनका उद्धार किया; प्रेम और कोमलता से उसने आप ही उनको छुड़ाया; उसने उन्हें उठाया और प्राचीनकाल से सदा उन्हें लिए फिरा।
Matthew 13:14और उनके विषय में यशायाह की यह भविष्यद्वाणी पूरी होती है: 1 ‘तुम कानों से तो सुनोगे, पर समझोगे नहीं; 1 और आँखों से तो देखोगे, पर तुम्हें न सूझेगा। 1