फिलिप्पियों 4:8
इसलिए, हे भाइयों, जो-जो बातें सत्य हैं, और जो-जो बातें आदरणीय हैं, और जो-जो बातें उचित हैं, और जो-जो बातें पवित्र हैं, और जो-जो बातें सुहावनी हैं, और जो-जो बातें मनभावनी हैं, अर्थात्, जो भी सद्गुण और प्रशंसा की बातें हैं, उन्हीं पर ध्यान लगाया करो।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Deuteronomy 16:20जो कुछ नितान्त ठीक है उसी का पीछा करना, जिससे तू जीवित रहे, और जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसका अधिकारी बना रहे। 1 वर्जित पूजा
2 Samuel 1:23“शाऊल और योनातान जीवनकाल में तो 1 प्रिय और मनभाऊ थे, 1 और अपनी मृत्यु के समय अलग न हुए; 1 वे उकाब से भी वेग से चलनेवाले, 1 और सिंह से भी अधिक पराक्रमी थे। 1
Psalms 82:2“तुम लोग कब तक टेढ़ा न्याय करते 1 और दुष्टों का पक्ष लेते रहोगे + 82:2 दुष्टों का पक्ष लेते रहोगे: अर्थात् दुष्टों का साथ देना और उन्हीं का पक्ष पोषण करना। अर्थात् दुष्टों का साथ देना और उन्हीं का पक्ष पोषण करना।? (सेला) 1
Proverbs 12:4भली स्त्री अपने पति का मुकुट + 12:4 मुकुट: यहूदियों के लिये, केवल राजाओं की सामर्थ्य का ही नहीं वरन् आनन्द एवं हर्ष का भी चिन्ह है। है, 1 परन्तु जो लज्जा के काम करती वह मानो उसकी हड्डियों के सड़ने का कारण होती है। 1
Proverbs 20:7वह व्यक्ति जो अपनी सत्यनिष्ठा पर चलता है, 1 उसके पुत्र जो उसके पीछे चलते हैं, वे धन्य हैं। 1
Proverbs 31:29“बहुत सी स्त्रियों ने अच्छे-अच्छे काम तो किए हैं परन्तु तू उन सभी में श्रेष्ठ है।” 1