Proverbs 31:20
वह दीन के लिये मुट्ठी खोलती है, 1 और दरिद्र को सम्भालने के लिए हाथ बढ़ाती है। 1
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
She stretcheth out her hand to the poor; yea, she reacheth forth her hands to the needy.
In Context
19वह अटेरन में हाथ लगाती है, 1 और चरखा पकड़ती है। 1
21वह अपने घराने के लिये हिम से नहीं डरती, 1 क्योंकि उसके घर के सब लोग लाल कपड़े पहनते हैं। 1
Cross References
Job 31:16“यदि मैंने कंगालों की इच्छा पूरी न की हो, 1 या मेरे कारण विधवा की आँखें कभी निराश हुई हों, 1
Psalms 41:2यहोवा उसकी रक्षा करके उसको जीवित रखेगा, 1 और वह पृथ्वी पर धन्य होगा। 1 तू उसको शत्रुओं की इच्छा पर न छोड़। 1
Proverbs 1:24मैंने तो पुकारा परन्तु तुम ने इन्कार किया, 1 और मैंने हाथ फैलाया, परन्तु किसी ने ध्यान न दिया, 1
Proverbs 22:9दया करनेवाले पर आशीष फलती है, 1 क्योंकि वह कंगाल को अपनी रोटी में से देता है। (2 कुरि. 9:10) 1
Mark 14:7गरीब तुम्हारे साथ सदा रहते हैं और तुम जब चाहो तब उनसे भलाई कर सकते हो; पर मैं तुम्हारे साथ सदा न रहूँगा। (व्यव. 15:11)
Acts 20:34तुम आप ही जानते हो कि इन्हीं हाथों ने मेरी और मेरे साथियों की आवश्यकताएँ पूरी की।