रोमियों 1:17
क्योंकि उसमें परमेश्वर की धार्मिकता विश्वास से और विश्वास के लिये प्रगट होती है; जैसा लिखा है, “विश्वास से धर्मी जन जीवित रहेगा।” (हब. 2:4, गला. 3:11) 1 अधार्मिकता पर परमेश्वर का क्रोध
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Habakkuk 2:4देख, उसका मन फूला हुआ है, उसका मन सीधा नहीं है; परन्तु धर्मी अपने विश्वास के द्वारा जीवित रहेगा। (इब्रा. 10:37, 38, 2 पत. 3:9, रोम. 1:17, गला. 3:11)
Romans 3:3यदि कुछ विश्वासघाती निकले भी तो क्या हुआ? क्या उनके विश्वासघाती होने से परमेश्वर की सच्चाई व्यर्थ ठहरेगी?
Romans 9:30तो हम क्या कहें? यह कि अन्यजातियों ने जो धार्मिकता की खोज नहीं करते थे, धार्मिकता प्राप्त की अर्थात् उस धार्मिकता को जो विश्वास से है;
Philippians 3:9और उसमें पाया जाऊँ; न कि अपनी उस धार्मिकता के साथ, जो व्यवस्था से है, वरन् उस धार्मिकता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है,
Hebrews 11:6और विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है + 11:6 विश्वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है: वह मनुष्य के साथ प्रसन्न नहीं हो सकता जिसे उसमें भरोसा नहीं हैं, जो उसकी घोषणाओं और प्रतिज्ञाओं की सच्चाई पर सन्देह करता हैं।, क्योंकि परमेश्वर के पास आनेवाले को विश्वास करना चाहिए, कि वह है; और अपने खोजनेवालों को प्रतिफल देता है।