Romans 4:8
धन्य है वह मनुष्य जिसे परमेश्वर पापी न ठहराए।” (भज. 32:2)
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
Blessed is the man to whom the Lord will not impute sin.
In Context
7“धन्य वे हैं, जिनके अधर्म क्षमा हुए, 1 और जिनके पाप ढांपे गए। 1
Cross References
Isaiah 53:10तो भी यहोवा को यही भाया कि उसे कुचले; उसी ने उसको रोगी कर दिया; जब वह अपना प्राण दोषबलि करे, तब वह अपना वंश देखने पाएगा, वह बहुत दिन जीवित रहेगा; उसके हाथ से यहोवा की इच्छा पूरी हो जाएगी।
Philemon 1:18और यदि उसने तेरी कुछ हानि की है + 1:18 यदि उसने तेरी कुछ हानि की है: चाहे तुम्हारे पास से भागने के द्वारा, या जिस काम को वह करने के लिए तैयार हुआ था उस काम से मिली असफलता के द्वारा।, या उस पर तेरा कुछ आता है, तो मेरे नाम पर लिख ले।
1 Peter 3:18इसलिए कि मसीह ने भी, अर्थात् अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुःख उठाया, ताकि हमें परमेश्वर के पास पहुँचाए; वह शरीर के भाव से तो मारा गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।