जकर्याह 8:16
जो-जो काम तुम्हें करना चाहिये, वे ये हैं: एक दूसरे के साथ सत्य बोला करना, अपनी कचहरियों में सच्चाई का और मेल मिलाप की नीति का न्याय करना, (इफि. 4:25)
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Deuteronomy 10:12“अब, हे इस्राएल, तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से इसके सिवाय और क्या चाहता है + 10:12 तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ से इसके सिवाय और क्या चाहता है: परमेश्वर ने मूसा प्रदत्त विधान में अनेक शर्तें रखी थी। तथापि, यह बाहरी अनुष्ठानों से सम्बंधित हैं जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर लागू किया जा सकता है। परन्तु प्रेम लागू नहीं किया जा सकता, वे तो स्वाभाविक होना है।, कि तू अपने परमेश्वर यहोवा का भय मानें, और उसके सारे मार्गों पर चले, उससे प्रेम रखे, और अपने पूरे मन और अपने सारे प्राण से उसकी सेवा करे, (लूका 10:27)
Psalms 15:2वह जो सिधाई से चलता + 15:2 वह जो सिधाई से चलता: अर्थात् जो सिद्ध जीवन जीता और सिद्ध आचरण रखता है। और धर्म के काम करता है, 1 और हृदय से सच बोलता है; 1
Proverbs 12:17जो सच बोलता है, वह धर्म प्रगट करता है, 1 परन्तु जो झूठी साक्षी देता, वह छल प्रगट करता है। 1
Isaiah 9:7उसकी प्रभुता सर्वदा बढ़ती रहेगी, और उसकी शान्ति का अन्त न होगा, इसलिए वह उसको दाऊद की राजगद्दी पर इस समय से लेकर सर्वदा के लिये न्याय और धर्म के द्वारा स्थिर किए ओर सम्भाले रहेगा। सेनाओं के और यहोवा की धुन के द्वारा यह हो जाएगा। (लूका 1:32,33, यिर्म. 23:5) 1 इस्राएल के प्रति परमेश्वर का क्रोध
Jeremiah 9:3अपनी-अपनी जीभ को वे धनुष के समान झूठ बोलने के लिये तैयार करते हैं, और देश में बलवन्त तो हो गए, परन्तु सच्चाई के लिये नहीं; वे बुराई पर बुराई बढ़ाते जाते हैं, और वे मुझ को जानते ही नहीं, यहोवा की यही वाणी है।
Hosea 4:1हे इस्राएलियों, यहोवा का वचन सुनो; इस देश के निवासियों के साथ यहोवा का मुकद्दमा है। इस देश में न तो कुछ सच्चाई है, न कुछ करुणा और न कुछ परमेश्वर का ज्ञान ही है। (प्रका. 6:10)