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सपन्याह 3:2

उसने मेरी नहीं सुनी, उसने ताड़ना से भी नहीं माना, उसने यहोवा पर भरोसा नहीं रखा + 3:2 उसने यहोवा पर भरोसा नहीं रखा: परन्तु अश्शूरों में, मिस्र में और मूर्तियों में भरोसा रखा, वह अपने परमेश्वर के समीप नहीं आई।

बाइबल (हिन्दी)

In The King James Version

She obeyed not the voice; she received not correction; she trusted not in the LORD; she drew not near to her God.

In Context

1हाय बलवा करनेवाली और अशुद्ध और अंधेर से भरी हुई नगरी!

3उसके हाकिम गरजनेवाले सिंह ठहरे; उसके न्यायी साँझ को आहेर करनेवाले भेड़िए हैं जो सवेरे के लिये कुछ नहीं छोड़ते।

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Cross References

Deuteronomy 28:15“परन्तु यदि तू अपने परमेश्वर यहोवा की बात न सुने, और उसकी सारी आज्ञाओं और विधियों के पालन करने में जो मैं आज सुनाता हूँ चौकसी नहीं करेगा, तो ये सब श्राप तुझ पर आ पड़ेंगे।

Psalms 10:4दुष्ट अपने अहंकार में परमेश्वर को नहीं खोजता; 1 उसका पूरा विचार यही है कि कोई परमेश्वर है ही नहीं। 1

Psalms 73:28परन्तु परमेश्वर के समीप रहना, यही मेरे लिये भला है; 1 मैंने प्रभु यहोवा को अपना शरणस्थान माना है, 1 जिससे मैं तेरे सब कामों को वर्णन करूँ।

Proverbs 1:7यहोवा का भय मानना बुद्धि का मूल है + 1:7 यहोवा का भय मानना बुद्धि का मूल है: बुद्धि का आरम्भ श्रद्धा एवं आदर के स्वभाव में पाया जाता है। अनन्त व्यक्तित्व की उपस्थिति में सीमित मनुष्य के मन में उत्पन्न भय। ; 1 बुद्धि और शिक्षा को मूर्ख लोग ही तुच्छ जानते हैं। 1 दुष्ट सलाह से बचना 1

Isaiah 1:5तुम बलवा कर करके क्यों अधिक मार खाना चाहते हो? तुम्हारा सिर घावों से भर गया, और तुम्हारा हृदय दुःख से भरा है।

Isaiah 29:13प्रभु ने कहा, “ये लोग जो मुँह से मेरा आदर करते हुए समीप आते परन्तु अपना मन मुझसे दूर रखते हैं, और जो केवल मनुष्यों की आज्ञा सुन सुनकर मेरा भय मानते हैं, (मत्ती 15:8,9, मर. 7:6,7)

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