1 Chronicles 21:8
और दाऊद ने परमेश्वर से कहा, “यह काम जो मैंने किया, वह महापाप है। परन्तु अब अपने दास का अधर्म दूर कर; मुझसे तो बड़ी मूर्खता हुई है।”
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
7और यह बात परमेश्वर को बुरी लगी, इसलिए उसने इस्राएल को मारा।
9तब यहोवा ने दाऊद के दर्शी गाद से कहा,
Cross References
1 Samuel 13:13शमूएल ने शाऊल से कहा, “ तूने मूर्खता का काम किया है + 13:13 तूने मूर्खता का काम किया है: शाऊल जितनी भी परिस्थितियों और संकटों से अवगत था वे सब परमेश्वर की दृष्टि में थे और परमेश्वर ने उसे शमूएल के आने तक प्रतिक्षा करने की आज्ञा दी थी। यह भी स्वेच्छा की अवज्ञा का पाप था जो पुनः उभरा और उसका दण्ड कठोर था; तूने अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा को नहीं माना; नहीं तो यहोवा तेरा राज्य इस्राएलियों के ऊपर सदा स्थिर रखता।
2 Samuel 12:13तब दाऊद ने नातान से कहा, “मैंने यहोवा के विरुद्ध पाप किया है।” नातान ने दाऊद से कहा, “यहोवा ने तेरे पाप को दूर किया है; तू न मरेगा + 12:13 तू न मरेगा: मूसा प्रदत्त विधान में व्यभिचार का दण्ड मृत्यु था परन्तु नातान उसका संदर्भ नहीं दे रहा है।।
2 Samuel 24:10प्रजा की गणना करने के बाद दाऊद का मन व्याकुल हुआ। अतः दाऊद ने यहोवा से कहा, “यह काम जो मैंने किया वह महापाप है। तो अब, हे यहोवा, अपने दास का अधर्म दूर कर; क्योंकि मुझसे बड़ी मूर्खता हुई है।”
Psalms 25:11हे यहोवा, अपने नाम के निमित्त 1 मेरे अधर्म को जो बहुत हैं क्षमा कर। 1
Psalms 51:1हे परमेश्वर, अपनी करुणा के अनुसार मुझ पर अनुग्रह कर; 1 अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे। (लूका 18:13, यशा. 43:25) 1
Hosea 14:2बातें सीखकर और यहोवा की ओर लौटकर, उससे कह, “सब अधर्म दूर कर; अनुग्रह से हमको ग्रहण कर; तब हम धन्यवाद रूपी बलि चढ़ाएँगे। (इब्रा. 13:15)