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1 इतिहास 29:3

फिर मेरा मन अपने परमेश्वर के भवन में लगा है, इस कारण जो कुछ मैंने पवित्र भवन के लिये इकट्ठा किया है, उस सबसे अधिक मैं अपना निज धन भी जो सोना चाँदी के रूप में मेरे पास है, अपने परमेश्वर के भवन के लिये दे देता हूँ + 29:3 मैं अपना निज धन .... दे देता हूँ: वह इस दान की सार्वजनिक घोषणा करता है कि जनता भी प्रोत्साहित होकर दे। ।

बाइबल (हिन्दी)

In The King James Version

Moreover, because I have set my affection to the house of my God, I have of mine own proper good, of gold and silver, which I have given to the house of my God, over and above all that I have prepared for the holy house,

In Context

2मैंने तो अपनी शक्ति भर, अपने परमेश्वर के भवन के निमित्त सोने की वस्तुओं के लिये सोना, चाँदी की वस्तुओं के लिये चाँदी, पीतल की वस्तुओं के लिये पीतल, लोहे की वस्तुओं के लिये लोहा, और लकड़ी की वस्तुओं के लिये लकड़ी, और सुलैमानी पत्थर, और जड़ने के योग्य मणि, और पच्‍चीकारी के काम के लिये भिन्न- भिन्न रंगों के नग, और सब भाँति के मणि और बहुत सा संगमरमर इकट्ठा किया है।

4अर्थात् तीन हजार किक्कार ओपीर का सोना, और सात हजार किक्कार तपाई हुई चाँदी, जिससे कोठरियों की भीतें मढ़ी जाएँ।

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Cross References

1 Chronicles 21:24राजा दाऊद ने ओर्नान से कहा, “नहीं, मैं अवश्य इसका पूरा दाम ही देकर इसे मोल लूँगा; जो तेरा है, उसे मैं यहोवा के लिये नहीं लूँगा, और न सेंत-मेंत का होमबलि चढ़ाऊँगा।”

1 Chronicles 22:14सुन, मैंने अपने क्लेश के समय + 22:14 अपने क्लेश के समय: दाऊद अपने राज्यकाल की अनेक कठिनाइयों को दोष दे रहा है जिनके कारण वह अधिक भण्डार एकत्र करने में सक्षम नहीं हो पाया था। यहोवा के भवन के लिये एक लाख किक्कार सोना, और दस लाख किक्कार चाँदी, और पीतल और लोहा इतना इकट्ठा किया है, कि बहुतायत के कारण तौल से बाहर है; और लकड़ी और पत्थर मैंने इकट्ठे किए हैं, और तू उनको बढ़ा सकेगा।

Psalms 27:4एक वर मैंने यहोवा से माँगा है, 1 उसी के यत्न में लगा रहूँगा; 1 कि मैं जीवन भर यहोवा के भवन में रहने पाऊँ, 1 जिससे यहोवा की मनोहरता पर दृष्टि लगाए रहूँ, 1 और उसके मन्दिर में ध्यान किया करूँ। (भज. 6:8, भज. 23:6, फिलि. 3:13) 1

Psalms 84:10क्योंकि तेरे आँगनों में एक दिन और कहीं के हजार दिन से उत्तम है। 1 दुष्टों के डेरों में वास करने से 1 अपने परमेश्वर के भवन की डेवढ़ी पर खड़ा रहना ही मुझे अधिक भावता है। 1

Proverbs 3:9अपनी सम्पत्ति के द्वारा 1 और अपनी भूमि की सारी पहली उपज देकर यहोवा की प्रतिष्ठा करना; 1

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