Acts 16:30
और उन्हें बाहर लाकर कहा, “हे सज्जनों, उद्धार पाने के लिये मैं क्या करूँ?”
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
And brought them out, and said, Sirs, what must I do to be saved?
In Context
29तब वह दिया मँगवाकर भीतर आया और काँपता हुआ पौलुस और सीलास के आगे गिरा; 1 दरोगा का हृदय परिवर्तन
31उन्होंने कहा, “प्रभु यीशु मसीह पर विश्वास कर, तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा।”
Cross References
Job 34:32जो कुछ मुझे नहीं सूझ पड़ता, वह तू मुझे सिखा दे; 1 और यदि मैंने टेढ़ा काम किया हो, तो भविष्य में वैसा न करूँगा?’ 1
Isaiah 58:6“जिस उपवास से मैं प्रसन्न होता हूँ, वह क्या यह नहीं, कि, अन्याय से बनाए हुए दासों, और अंधेर सहनेवालों का जूआ तोड़कर उनको छुड़ा लेना, और, सब जूओं को टुकड़े-टुकड़े कर देना? (लूका 4:18,19, नीति. 21:3, याकू. 1:27)
Matthew 3:8मन फिराव के योग्य फल लाओ;
Luke 3:10और लोगों ने उससे पूछा, “तो हम क्या करें?”
Acts 2:37तब सुननेवालों के हृदय छिद गए, और वे पतरस और अन्य प्रेरितों से पूछने लगे, “हे भाइयों, हम क्या करें?”
Acts 14:15“हे लोगों, तुम क्या करते हो? हम भी तो तुम्हारे समान दुःख-सुख भोगी मनुष्य हैं, और तुम्हें सुसमाचार सुनाते हैं, कि तुम इन व्यर्थ वस्तुओं से अलग होकर जीविते परमेश्वर की ओर फिरो, जिसने स्वर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जो कुछ उनमें है बनाया। (निर्ग. 20:11, भज. 146:6)