Acts 5:3
परन्तु पतरस ने कहा, “हे हनन्याह! शैतान ने तेरे मन में यह बात क्यों डाली है कि तू पवित्र आत्मा से झूठ बोले, और भूमि के दाम में से कुछ रख छोड़े?
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Genesis 3:13तब यहोवा परमेश्वर ने स्त्री से कहा, “तूने यह क्या किया है?” स्त्री ने कहा, “सर्प ने मुझे बहका दिया, तब मैंने खाया।” (रोम. 7:11, 2 कुरि. 11:3, 1 तीमु. 2:14)
Deuteronomy 23:21“जब तू अपने परमेश्वर यहोवा के लिये मन्नत माने, तो उसे पूरी करने में विलम्ब न करना; क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा उसे निश्चय तुझ से ले लेगा, और विलम्ब करने से तू पापी ठहरेगा। (मत्ती 5:33)
1 Chronicles 21:1और शैतान + 21:1 शैतान: यहाँ पहली बार शैतान का नाम हमारे सामने आता है। यहाँ वह मनुष्य को बाहर से हानि पहुँचानेवाला बैरी मात्र ही नहीं वरन् मन में पाप करने और विचार करने के द्वारा उसके विनाश की परीक्षा लानेवाला है। ने इस्राएल के विरुद्ध उठकर, दाऊद को उकसाया कि इस्राएलियों की गिनती ले।
Psalms 94:7और कहते हैं, “यहोवा न देखेगा, 1 याकूब का परमेश्वर विचार न करेगा।” 1
Ecclesiastes 5:4जब तू परमेश्वर के लिये मन्नत माने, तब उसके पूरा करने में विलम्ब न करना; क्योंकि वह मूर्खों से प्रसन्न नहीं होता। जो मन्नत तूने मानी हो उसे पूरी करना।
Jeremiah 23:24फिर यहोवा की यह वाणी है, क्या कोई ऐसे गुप्त स्थानों में छिप सकता है, कि मैं उसे न देख सकूँ? क्या स्वर्ग और पृथ्वी दोनों मुझसे परिपूर्ण नहीं हैं?