Acts 7:41
उन दिनों में उन्होंने एक बछड़ा बनाकर, उसकी मूरत के आगे बलि चढ़ाया; और अपने हाथों के कामों में मगन होने लगे। (निर्ग. 32:4,6)
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Exodus 32:2हारून ने उनसे कहा, “तुम्हारी स्त्रियों और बेटे बेटियों के कानों में सोने की जो बालियाँ हैं उन्हें उतारो, और मेरे पास ले आओ।”
Deuteronomy 9:12और यहोवा ने मुझसे कहा, ‘उठ, यहाँ से झटपट नीचे जा; क्योंकि तेरी प्रजा के लोग जिनको तू मिस्र से निकालकर ले आया है वे बिगड़ गए हैं; जिस मार्ग पर चलने की आज्ञा मैंने उन्हें दी थी उसको उन्होंने झटपट छोड़ दिया है; अर्थात् उन्होंने तुरन्त अपने लिये एक मूर्ति ढालकर बना ली है।’
Psalms 106:19उन्होंने होरेब में बछड़ा बनाया, 1 और ढली हुई मूर्ति को दण्डवत् किया। 1
Isaiah 44:9जो मूरत खोदकर बनाते हैं, वे सब के सब व्यर्थ हैं और जिन वस्तुओं में वे आनन्द ढूँढ़ते उनसे कुछ लाभ न होगा; उनके साक्षी, न तो आप कुछ देखते और न कुछ जानते हैं, इसलिए उनको लज्जित होना पड़ेगा।
Hosea 9:10मैंने इस्राएल को ऐसा पाया + 9:10 इस्राएल को ऐसा पाया: परमेश्वर द्वारा पाने का अर्थ यह नहीं कि उससे कुछ खो गया हो या वह जानता न हो कि वह कहाँ था और अकस्मात ही उसे दिख गया हो जिसकी उसे आशा न थी। उसके सम्बंध के परिप्रेक्ष्य में इस्राएल भटक गया था जब परमेश्वर ने उन्हें पाया। जैसे प्रभु यीशु ने उड़ाऊ पुत्र की कहानी में बताया है नए नियम में। जैसे कोई जंगल में दाख पाए; और तुम्हारे पुरखाओं पर ऐसे दृष्टि की जैसे अंजीर के पहले फलों पर दृष्टि की जाती है। परन्तु उन्होंने बालपोर के पास जाकर अपने को लज्जा का कारण होने के लिये अर्पण कर दिया, और जिस पर मोहित हो गए थे, वे उसी के समान घिनौने हो गए।
Revelation 9:20बाकी मनुष्यों ने जो उन महामारियों से न मरे थे, अपने हाथों के कामों से मन न फिराया, कि दुष्टात्माओं की, और सोने, चाँदी, पीतल, पत्थर, और काठ की मूर्तियों की पूजा न करें, जो न देख, न सुन, न चल सकती हैं। (1 इति. 34:25)