Daniel 5:4
वे दाखमधु पी पीकर सोने, चाँदी, पीतल, लोहे, काठ और पत्थर के देवताओं की स्तुति कर ही रहे थे, + 5:4 वे दाखमधु पी पीकर सोने, चाँदी, .... के देवताओं की स्तुति कर ही रहे थे: अन्यजातियाँ वहाँ चर्चित सब धातुओं एवं पदार्थों की मूर्तियाँ बनाती थी। यहाँ “स्तुति” का अर्थ है कि उन्होंने इन देवताओं, उनके इतिहास, उनके गुणों की प्रशंसा में, जो उन्होंने किए थे, उसकी प्रशंसा में बात कर रहे थे। (हब. 2:19, भज. 135:15-18)
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
1 Kings 1:49तब जितने अतिथि अदोनिय्याह के संग थे वे सब थरथरा उठे, और उठकर अपना-अपना मार्ग लिया।
Psalms 135:15अन्यजातियों की मूरतें सोना-चाँदी ही हैं, 1 वे मनुष्यों की बनाई हुई हैं। 1
Isaiah 42:8मैं यहोवा हूँ, मेरा नाम यही है; अपनी महिमा मैं दूसरे को न दूँगा और जो स्तुति मेरे योग्य है वह खुदी हुई मूरतों को न दूँगा + 42:8 जो स्तुति मेरे योग्य है वह खुदी हुई मूरतों को न दूँगा: परमेश्वर ने जो कुछ किया है उसका श्रेय एवं गुणगान वह मूर्तियों को नहीं देगा।।
Isaiah 46:6जो थैली से सोना उण्डेलते या काँटे में चाँदी तौलते हैं, जो सुनार को मजदूरी देकर उससे देवता बनवाते हैं, तब वे उसे प्रणाम करते वरन् दण्डवत् भी करते हैं! (निर्ग. 32:2-4)
Daniel 3:1नबूकदनेस्सर राजा ने सोने की एक मूरत बनवाई, जिसकी ऊँचाई साठ हाथ, और चौड़ाई छः हाथ की थी। और उसने उसको बाबेल के प्रान्त के दूरा नामक मैदान में खड़ा कराया।
Daniel 5:23वरन् तूने स्वर्ग के प्रभु के विरुद्ध सिर उठाकर उसके भवन के पात्र मँगवाकर अपने सामने रखवा लिए, और अपने प्रधानों और रानियों और रखैलों समेत तूने उनमें दाखमधु पिया; और चाँदी-सोने, पीतल, लोहे, काठ और पत्थर के देवता, जो न देखते न सुनते, न कुछ जानते हैं, उनकी तो स्तुति की, परन्तु परमेश्वर, जिसके हाथ में तेरा प्राण है, और जिसके वश में तेरा सब चलना फिरना है, उसका सम्मान तूने नहीं किया। (अय्यू. 12:10, भज. 115:4-8)