Daniel 6:7
राज्य के सारे अध्यक्षों ने, और हाकिमों, अधिपतियों, न्यायियों, और राज्यपालों ने आपस में सम्मति की है, कि राजा ऐसी आज्ञा दे और ऐसी कड़ी आज्ञा निकाले, कि तीस दिन तक जो कोई, हे राजा, तुझे छोड़ किसी और मनुष्य या देवता से विनती करे + 6:7 तुझे छोड़ किसी और मनुष्य या देवता से विनती करे: कोई भी चाहे वह किसी भी बड़े पद पर हो, यहाँ मुख्य उद्देश्य दानिय्येल को अपमानित करना था परन्तु उसके लिए एक सार्वभौमिक निषेध की आवश्यकता थी।, वह सिंहों की माँद में डाल दिया जाए।
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
6तब वे अध्यक्ष और अधिपति राजा के पास उतावली से आए, और उससे कहा, “हे राजा दारा, तू युग-युग जीवित रहे।
Cross References
Psalms 2:2यहोवा के और उसके अभिषिक्त के विरुद्ध पृथ्वी के राजागण मिलकर, 1 और हाकिम आपस में षड्यंत्र रचकर, कहते हैं, (प्रका. 11:18, प्रेरि. 4:25,26, प्रका. 19:19) 1
Psalms 59:3क्योंकि देख, वे मेरी घात में लगे हैं; 1 हे यहोवा, मेरा कोई दोष या पाप नहीं है + 59:3 मेरा कोई दोष या पाप नहीं है: नियमों के उल्लंघन के कारण या इस दोष के कारण कि मैं परमेश्वर के विरुद्ध पापी हूँ, नहीं, ऐसा कुछ नहीं है। , 1 तो भी बलवन्त लोग मेरे विरुद्ध इकट्ठे होते हैं। 1
Psalms 62:4सचमुच वे उसको, उसके ऊँचे पद से गिराने की सम्मति करते हैं; 1 वे झूठ से प्रसन्न रहते हैं। 1 मुँह से तो वे आशीर्वाद देते पर मन में कोसते हैं। (सेला) 1
Psalms 83:1हे परमेश्वर मौन न रह; 1 हे परमेश्वर चुप न रह, और न शान्त रह! 1
Daniel 2:4तब कसदियों ने, राजा से अरामी भाषा में कहा, “हे राजा, तू चिरंजीवी रहे! अपने दासों को स्वप्न बता, और हम उसका अर्थ बताएँगे।”
Daniel 3:6और जो कोई गिरकर दण्डवत् न करेगा वह उसी घड़ी धधकते हुए भट्ठे के बीच में डाल दिया जाएगा।”