निर्गमन 17:2
इसलिए वे मूसा से वाद-विवाद करके कहने लगे, “हमें पीने का पानी दे।” मूसा ने उनसे कहा, “तुम मुझसे क्यों वाद-विवाद करते हो? और यहोवा की परीक्षा क्यों करते हो + 17:2 यहोवा की परीक्षा क्यों करते हो: यह इस्राएलियों के इस मुख्य स्वभाव का चित्रण करता है कि जब भी ऐसे आश्चर्यकर्म हुए, जिनसे उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति हुई, उससे उनमें विश्वास करने की आदत नहीं बन पाई। ?”
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Exodus 5:21और उन्होंने मूसा और हारून से कहा, “यहोवा तुम पर दृष्टि करके न्याय करे, क्योंकि तुम ने हमको फ़िरौन और उसके कर्मचारियों की दृष्टि में घृणित ठहराकर हमें घात करने के लिये उनके हाथ में तलवार दे दी है।” 1 मूसा की परमेश्वर से शिकायत
Exodus 15:24तब वे यह कहकर मूसा के विरुद्ध बड़बड़ाने लगे, “हम क्या पीएँ?”
Exodus 17:7और मूसा ने उस स्थान का नाम मस्सा + 17:7 मस्सा: अर्थात् परीक्षा और मरीबा + 17:7 मरीबा: अर्थात् विवाद रखा, क्योंकि इस्राएलियों ने वहाँ वाद-विवाद किया था, और यहोवा की परीक्षा यह कहकर की, “क्या यहोवा हमारे बीच है या नहीं?” 1 अमालेकियों पर विजय
Numbers 14:2और सब इस्राएली मूसा और हारून पर बुड़बुड़ाने लगे; और सारी मण्डली उससे कहने लगी, “भला होता कि हम मिस्र ही में मर जाते! या इस जंगल ही में मर जाते! (1 कुरि. 10:10)
Numbers 20:2वहाँ मण्डली के लोगों के लिये पानी न मिला; इसलिए वे मूसा और हारून के विरुद्ध इकट्ठे हुए + 20:2 विरुद्ध इकट्ठे हुए: कुड़कुड़ाने वालों की भाषा ध्यान देने योग्य है। उसमें पिछली पीढ़ी से आई पारम्परिक सविनय विरोध का भाव था।।
Deuteronomy 6:16“तुम अपने परमेश्वर यहोवा की परीक्षा न करना, जैसे कि तुम ने मस्सा में उसकी परीक्षा की थी। (मत्ती 4:7, लूका 4:12)