उत्पत्ति 1:11
फिर परमेश्वर ने कहा, “पृथ्वी से हरी घास, तथा बीजवाले छोटे-छोटे पेड़, और फलदाई वृक्ष भी जिनके बीज उन्हीं में एक-एक की जाति के अनुसार होते हैं पृथ्वी पर उगें,” और वैसा ही हो गया। (1 कुरि. 15:38)
बाइबल (हिन्दी)
In The King James Version
In Context
Cross References
Genesis 2:5तब मैदान का कोई पौधा भूमि पर न था, और न मैदान का कोई छोटा पेड़ उगा था, क्योंकि यहोवा परमेश्वर ने पृथ्वी पर जल नहीं बरसाया था, और भूमि पर खेती करने के लिये मनुष्य भी नहीं था।
Genesis 2:16और यहोवा परमेश्वर ने आदम को यह आज्ञा दी, “तू वाटिका के किसी भी वृक्षों का फल खा सकता है;
Psalms 1:3वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती पानी की धाराओं के किनारे लगाया गया है + 1:3 वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती पानी की धाराओं के किनारे लगाया गया है: वह वृक्ष अपने आप नहीं उगा है वह ऐसा वृक्ष है जो एक मनोवांछित स्थान में लगाया गया है और बड़ी सावधानी से उसका पालन-पोषण किया गया है। 1 और अपनी ऋतु में फलता है, 1 और जिसके पत्ते कभी मुरझाते नहीं। 1 और जो कुछ वह पुरुष करे वह सफल होता है। 1
Psalms 104:14तू पशुओं के लिये घास, 1 और मनुष्यों के काम के लिये अन्न आदि उपजाता है, 1 और इस रीति भूमि से वह भोजन-वस्तुएँ उत्पन्न करता है 1
Isaiah 61:11क्योंकि जैसे भूमि अपनी उपज को उगाती, और बारी में जो कुछ बोया जाता है उसको वह उपजाती है, वैसे ही प्रभु यहोवा सब जातियों के सामने धार्मिकता और धन्यवाद को बढ़ाएगा।
Matthew 3:10और अब कुल्हाड़ा पेड़ों की जड़ पर रखा हुआ है, इसलिए जो-जो पेड़ अच्छा फल नहीं लाता, वह काटा और आग में झोंका जाता है।